एनसीआर के राज्यों में भी लगाए जाए पटाखों पर प्रतिबंध
राय ने बताया कि दिल्ली के अंदर ठंड के मौसम में प्रदूषण की समस्या काफी बढ़ जाती है। सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने इस बार 15 फोकस बिंदुओं पर आधारित विंटर एक्शन प्लान बनाया है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दो महीने प्रदूषण के हिसाब से बहुत ही नाजुक होते हैं।
दिल्ली ने जिस तरह पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। उसी तरह एनसीआर के राज्यों को भी चाहिए कि वे पटाखों के लाइसेंस, उत्पादन, भंडारण और पटाखें फोड़ने पर अभी से प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने बताया कि सीएक्यूएम की रिपोर्ट के अनुसार 2016 में दिल्ली में अच्छे दिनों की संख्या 109 थी, जो पिछले साल 163 रही है। इस साल अच्छे दिनों की संख्या 205 हो गई है।
7 सूत्री सुझाव पर एनसीआर राज्य की पर्यावरण मंत्रियों से सहयोग की अपील
1. एनसीआर से दिल्ली आने वाले सभी सार्वजनिक परिवहन सीएनजी या इलेक्ट्रिक पर चलाए जाएं।
2. एनसीआर में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
3. एनसीआर राज्यों में औद्योगिक इकाइयां अभी भी प्रदूषणकारी ईंधन से चल रही हैं, उन्हें तत्काल पाइप प्राकृतिक गैस में परिवर्तित किया जाए।
4. एनसीआर राज्यों में चल रहे भारी प्रदूषण फैलाने वाले ईंट भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में बदला जाए।
5. डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम करने के लिए एनसीआर राज्यों के सभी हाउसिंग सोसाइटियों के लिए बिजली सुनिश्चित की जाए।
6. एनसीआर राज्यों में भी दिल्ली की तरह ही पटाखों पर पूरी तरह से पाबंदी हो।
7. नॉन डेस्टाइंड वाहनों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर उनके शुरुआती बिंदु से ही डाइवर्ट करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों को कहा जाए।