बदमाशों ने गनप्वाइंट पर शुक्रवार की शाम वैशाली सेक्टर-4 से सॉफ्टवेयर
इंजीनियर आशुतोष खरे का अपहरण कर लूटपाट की। विरोध करने पर पीटा।
बदमाशों
ने उनके खाते से एटीएम कार्ड के जरिए एक लाख तीस हजार रुपये निकलवाए।
इंजीनियर के मोबाइल का सिम तोड़ दिया और उनकी लग्जरी कार, लैपटॉप, पर्स
लूूट लिया।
मुरादाबाद में चंदौसी रोड के पास जंगल में इंजीनियर को फेंककर
बदमाश भाग गए। एटीएम से पैसे निकलवाने के बाद बदमाशों ने इंजीनियर को बेहोश
कर दिया।
मुरादाबाद में लोगों की मदद से परिवार से संपर्क किया और वहां की
पुलिस को शिकायत देकर जीरो एफआईआर दर्ज कराई। शनिवार को थाना इंदिरापुरम
में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इंदिरापुरम में
अहिंसा खंड दो स्थित आशियाना ग्रीन सोसायटी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर
आशुतोष खरे नोएडा स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं।
शुक्रवार की
शाम करीब पौने सात बजे अपनी एक्सयूवी-500 कार से घर लौटते वक्त वैशाली
सेक्टर-4 की पुलिया के पास नारियल पानी खरीदने के लिए रुके।
नारियल पानी
लेकर वह कार में बैठ रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें गन प्वाइंट पर ले
लिया। बदमाशों ने कार के अंदर धक्का देकर बैठाया और मारपीट करते हुए उनका
चेहरा कार में नीचे कर दिया।
उनसे मोबाइल छीनकर सिम कार्ड तोड़ दिया। जान
से मारने की धमकी देते हुए एटीएम कार्ड का पिन नंबर पूछा और विजय नगर के
पास से एक एटीएम से 60 हजार रुपये निकलवाए।
एनएच-24 पर मुरादाबाद की ओर
चलते गए। इसी दौरान कुछ सुंघाकर इंजीनियर का बेहोश कर दिया। कुछ देर बाद
जब उन्हें कुछ होश आया तो कार में तीन की जगह चार बदमाश हो गए थे।
रास्ते
से एक बदमाश और कार में सवार हुआ था। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें हल्की
बेहोशी की हालत में रात करीब सवा 12 बजे मुरादाबाद स्थित चंदौसी रोड पर
जंगल के पास फेंक दिया और उनकी कार, अंगूठी, चेन, लैपटॉप, पर्स लूटकर फरार
हो गए।
उन्होंने जंगल के पास ही बसे गांव
के कुछ लोगों से मदद लेकर मोबाइल से परिवार और पुलिस को सूचना दी। उनके पास
पुलिस पहुुंची और गाजियाबाद से जीजा और चाचा भी मुरादाबाद के लिए रवाना
हुए।
मुरादाबाद पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की, जिसके बाद शनिवार को
गाजियाबाद लौटने पर शाम उन्होंने थाना इंदिरापुरम में लूट की रिपोर्ट दर्ज
कराई।
पुलिस की लापरवाही पर आईजी सख्त सेक्टर-2 स्थित आईटी कंपनी में काम करने वाले सॉफ्टवेयर
इंजीनियर आशुतोष खरे के अपहरण और लूटपाट के मामले में नोएडा पुलिस की
लापरवाही सामने आई है।
बताया गया है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की,
जबकि आशुतोष के गायब होने की खबर सबसे पहले नोएडा पुलिस को दी गई थी। आईजी
सुजीत पांडे ने कहा है कि इंजीनियर के अपहरण और लूट की जानकारी मिली।
नोएडा
और गाजियाबाद पुलिस का रवैया ढीला रहा है। पुलिस को एफआईआर दर्ज कर फौरन
कार्रवाई करनी चाहिए थी। केस वर्कआउट करने के लिए एक स्पेशल टीम लगाई गई
है।
शुक्रवार को वह ऑफिस से अपनी एक्सयूवी गाड़ी से घर के लिए निकले। शाम
करीब 6 बजे उन्होंने पत्नी को फोन कर घर आने की जानकारी दी। जब वह 7:30 बजे
तक घर नहीं पहुंचे तो पत्नी ने उन्हें संपर्क करने की कोशिश की।
आशुतोष का
मोबाइल स्विच ऑफ मिला। पत्नी ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। परिजन नोएडा
स्थित कंपनी पहुंचे, जहां पता चला कि आशुतोष शाम 5:30 बजे ही ऑफिस से निकल
गए थे। घर वालों ने सेक्टर-20 थाना पुलिस को सूचना दी।
सॉफ्टवेयर
इंजीनियर रोज वैशाली सेक्टर-4 से नारियल पानी खरीदते थे। ऐसे में पुलिस का
कहना है कि बदमाशों ने पहले ही रेकी कर रखी थी। वे पूरी तरह से तैयार थे।
इंदिरापुरम एसएचओ गोरखनाथ यादव ने बताया घटनास्थल के आसपास की सभी दुकान
वालों से पूछताछ की जा रही है।
नारियल वाले से भी घटना के बारे में पूछा
गया, लेकिन उसने घटना की जानकारी होने से मना कर दिया। जिस एटीएम से रुपये
निकाले गए हैं, उनकी सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
उत्तराखंड में भी एटीएम से निकाले 70 हजार रुपयेइंजीनियर
को मुुरादाबाद में फेंकने के बाद बदमाश उत्तराखंड की ओर रवाना हुए। इसका
पता तब चला जब उन्होंने अपने बैंक में पूछताछ की।
बदमाशों ने उत्तराखंड के
उधमपुर में भी उनके एटीएम से देर रात 70 हजार रुपये निकाल लिए। रात 12 बजे
के बाद दिन बदलने के चलते बदमाशों ने कुछ ही घंटों में दूसरा ट्रांजेक्शन
भी कर लिया था। कुल एक लाख 30 हजार रुपये एटीएम से निकाले गए।
रोज खरीदते थे नारियल पानीसॉफ्टवेयर
इंजीनियर ने पुलिस को बताया कि सब कुछ बहुत तेजी से हुआ। कार में धक्का
देते ही बदमाशों ने उनका चेहरा कार में नीचे कर दिया और कुछ देर बाद ही
बेहोश कर दिया। वह ठीक से बदमाशों के चेहरे नहीं देख पाए।
ठीक से न देख पाए बदमाशों के चेहरेसॉफ्टवेयर इंजीनियर आशुतोष खरे से पूछताछ के बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।- अजय पाल सिंह, एसपी सिटी इंजीनियर से मारपीट की, पीड़ित ने मुरादाबाद और इंदिरापुरम पुलिस को दी शिकायत