अब बिजली चोरों की खैर नहीं। बिजली आपूर्ति कंपनी अब आर्टिफिशियल व मशीन लर्निंग तकनीक का सहयोग लेगी। जिससे बिजली चोरी का राज तो खुलेगा। किसी गली में बिजली की कितनी चोरी हो रही है और और घरवाले कितनी मात्रा में बिजली की चोरी कर रहे हैं इसकी भी जानकारी मिलेगी।
बिजली आपूर्ति कंपनी बीएसईएस ने कहा कि दिल्ली में कई ऐसे जगह है जहां बिजली की चोरी हो रही है। इन इलाकों में बिजली की चोरी रोकने के लिए बिजेले के प्रॉपराइटरी अप्लाएंस इलेक्ट्रिकल सिग्नेचर रिकग्निशन एल्गोरिद्म का इस्तेमाल किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चोरी करने वाला पकड़ा जाएगा।
इतना ही नहीं इस तकनीक से एक दिन पहले यह पता चलेगा कि बिजली की डिमांड कितनी होगी। इसके लिए अमेरिकी कंपनी बिजेले के साथ समझौता किया गया है। इस तकनीक से इलेक्ट्रिक वाहनों के डिटेक्शन और प्रोफाइलिंग में मदद इस तकनीक से मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं को यह भी बताया जा सकेगा कि वे अपने घर में बिजली की खपत को कम कैसे कर सकते हैं।
बिजली आपूर्ति कंपनी का दावा है कि बिजली चोरी में कमी आने और बिजली खरीद की लागत नियंत्रण में रहने से उपभोक्ताओं का ही फायदा होगा। बिजेले के मुख्य राजस्व अधिकारी गौतम अग्रवाल के मुताबिक यह सार्थक पहल होगी। बीएसईएस और भी सार्थक तरीके से अपने उपभोक्ताओं से जुड़ेगा। बिजली चोरी से होने वाले राजस्व के नुकसान को रोकने में भी मदद मिलेगी।