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अच्छी पहल: नए सत्र में अपर प्राइमरी से सेकेंडरी तक के छात्रों को मिलेगी 500 रुपये की वित्तीय मदद

Thu, 24 Feb 2022 09:25 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

कक्षा एक से पांचवीं तक के छात्रों को निपुण भारत मिशन के तहत अभी पांच सौ रुपये की वित्तीय मदद मुहैया करवायी जा रही है।
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पढ़ाई करते छात्र - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कोविड-19 महामारी के कारण बच्चों की पढ़ाई को हुए नुकसान को पूरा करने के लिए सरकार ने कोपरीहेंसिव लर्निंग रिकवरी प्लान (एलआरपी) तैयार किया है। सभी राज्यों को पत्र लिखकर योजना के विभिन्न बिंदूओं पर जल्द से जल्द काम शुरू करने का निर्देश दिया है।

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लर्निंग रिकवरी प्लान के तहत सभी छात्रों के लिए लर्निंग इनहेसमेंट प्रोग्राम तैयार किया गया है। इसमें शैक्षणिक सत्र 2022-23 शुरू होने पर अपर प्राइमरी और सेकेंडरी लेवल के छात्रों को 500 रुपये की वित्तीय मदद मिलेगी। जबकि कक्षा एक से पांचवीं तक के छात्रों को निपुण भारत मिशन के तहत अभी पांच सौ रुपये की वित्तीय मदद मुहैया करवायी जा रही है।

शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनीष गर्ग की ओर से सभी राज्यों को पत्र लिखा गया है। इसमें पांच बिंदुओं पर संबंधित राज्यों के शिक्षा विभाग को कार्ययोजना बनाकर काम शुरू करने का निर्देश दिया है। इसमें टीचर रिसोर्स पैकेज (टीआरपी) में हाइब्रिड मोड से पढ़ाई जारी रखने के लिए शिक्षकों को टेबलेट भी दिए जाएंगे। इसका मकसद है कि वे डिजिटल पोर्टल पर बच्चों की पढ़ाई के लिए सामग्री या कंटेंट आसानी से अपलोड कर सकें। इसके लिए देशभर के 25 लाख प्राइमरी टीचरों को 10 हजार रुपये मिलेंगे।

हर राज्य को 20-20 लाख रुपये

ओरल रीडिंग फ्लूएंसी स्टडी(ओआरएफ) में हर राज्य को 20 -20 लाख रुपये दिए जाएंगे। पढ़ाई को तकनीक के माध्यम से गुणवत्ता में सुधार के लिए ब्लॉक संसाधन समन्वयक (बीआरसी) में 6.40 लाख रुपये और 2.40 लाख रुपये मिलेंगे। समय-समय पर स्कूलों में औचक दौरा कर समस्याओं को चिन्हित करने के लिए प्रति सीआरसी को एक हजार रुपये दिए जाएंगे।

मेधावी छात्रों की पढ़ाई नहीं छूटेगीः 

महामारी में आर्थिक परेशानियों के चलते किसी मेधावी छात्र की पढ़ाई नहीं छूटेगी। सरकार के राष्ट्रीय साधन-सह मेधा छात्रवृति के तहत नौवीं कक्षा के ऐसे छात्रों को हर महीने एक हजार रुपये मिलेंगे। आठवीं के बाद ऐसे छात्रों का ड्रॉपआउट रोकने के लिए इस योजना में 18.27 करोड़ रुपये के साथ वर्ष 2025-26 तक मंजूरी दी है। इसमें पात्रता आय सीमा 3.5 लाख रुपये प्रति वर्ष होनी चाहिए।

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