बीते दिन ईडी ने विधायक और उनसे जुड़े व्यक्तियों के 13 स्थानों पर छापेमारी की थी। ईडी ने दावा किया था कि यह तलाशी दिल्ली वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध भर्ती और 2018-2022 के दौरान अमानतुल्लाह खान द्वारा बोर्ड की अध्यक्षता के दौरान वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को गलत तरीके से पट्टे पर देकर अवैध व्यक्तिगत लाभ से संबंधित मामले में की गई।
आगे कहा कि सीबीआई की एक एफआईआर और दिल्ली पुलिस की तीन शिकायतें आम आदमी पार्टी विधायक के खिलाफ कार्रवाई का आधार बनीं। ईडी ने कहा कि अमानतुल्लाह खान ने उक्त आपराधिक गतिविधियों से नकद में बड़ी रकम अर्जित की और इस नकद राशि को अपने सहयोगियों के नाम पर दिल्ली में विभिन्न जगहों पर अचल संपत्तियों को खरीदा है।