दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में राजधानी के संवेदनशील इलाकों की पहचान शुरू कर दी गई है। आयोग ने इस संबंध में पुलिस से भी रिपोर्ट मांगी है। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कुल 630 संवेदनशील पोलिंग स्टेशन थे।
चुनाव को लेकर इस बार आयोग के सामने सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। त्रिलोकपुरी में बीते दिनों हुए दंगे। 26 जनवरी को अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा को लेकर राजधानी में रेड अलर्ट है।
इस बीच दिल्ली मुख्य निर्वाचन कार्यालय को पुलिस के साथ मिलकर चुनाव के दौरान आचार संहिता को भी लागू कराना होगा। पुलिस की व्यवस्था को देखते हुए इस बार चुनाव आयोग संवेदनशील इलाकों की पहचान पहले कर लेना चाहता है। इलाकों की पहचान के बाद वहां सुरक्षा को लेकर अलग से खाका तैयार किया जाएगा।
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक संवेदनशील इलाकों की पहचान के पैरामीटर होते हैं। इसमें पिछले दो चुनाव लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान ऐसे इलाकों को चिह्नित करेंगे जहां हिंसक झड़पें हुई हों। यही नहीं उन इलाकों के बदमाशों की पहचान भी की जाएगी जो कि माहौल बिगाड़ने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।