नोटबंदी के बाद साइबर फ्राड की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसे लेकर साइबर सेल की पूरी टीम अलर्ट पर है। सरकार की कैशलेस मुहिम को साइबर हैकरों से बचाने के लिए साइबर सेल की टीम ऐसी हर आईपी व फोन कॉल का ब्योरा रख रही है, जिनसे पहले फ्रॉड हो चुका है या फिर होने की आशंका है।
इसकी जानकारी के लिए टीम ने थाने वार साइबर फ्रॉड के मामलों की सूची मंगवाई है। लोगों की जरा सी लापरवाही उनका खाते को जीरो कर सकती है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती साइबर क्राइम को रोकने वाले एक्सपर्ट्स की है, जो दिन-रात आपके खातों को सुरक्षा देने में लगे हैं।
दरअसल, शहर में साइबर अपराध का आंकड़ा पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ा है। उधर, ई-कामर्स वेबसाइट से शॉपिंग करने पर गड़बड़झाले की शिकायत पुलिस को मिलनी शुरू हो गई हैं।
फिलहाल साइबर सेल की टीम व बैंक द्वारा साइबर फ्राड से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को ठगी से बचाव के तरीकों से वाकिफ कराया जा रहा है। साइबर
एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल ने बताया कि फोन के जरिये किसी भी ई-वॉलेट का इस्तेमाल किया जाता है तो फोन नंबर सामने वाले के पास आ जाता है। इससे बचने के लिए आप ई-वॉलेट की जगह आईएमपीएस (इमीडिएट मोबाइल पेमेंट सर्विस) और यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंट्राफेस) का प्रयोग कर सकते हैं।
अश्लील कॉल आने की शिकायतें
कैशलेस मुहिम महिलाओं के लिए यह सिर दर्द बन रही है। दरअसल, ई वॉलेट से पेमेंट करने के बाद महिलाओं के नंबर पर अश्लील कॉल आने की शिकायतें मिल रही हैं। नोएडा में एक ऐसा मामला सामने आया है। सेक्टर-12 में सोनाली (बदला हुआ नाम) मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती है। नकदी की कमी के चलते उन्होंने कई बार ई-वॉलेट से खरीदारी की। बताया गया है कि इसके बाद उनके पास कई बार अलग-अलग नंबरों से कॉल आई। कॉलर ने उनसे अश्लील बातें की। परेशान होने पर उन्होंने सेक्टर-20 पुलिस से शिकायत की है।