उत्तर प्रदेश सरकार सरकार से कहानी टू और दंगल फिल्म को टैक्स फ्री करने से मनोरंजन कर के रूप में ज्यादा कमाई की आस भी टूट गई है। विभागीय अफसर इससे निराश हैं। सुल्तान के बाद आई किसी भी फिल्म से मनोरंजन कर के रूप में जनपद को खास कमाई नहीं हुई है।
नोट बंदी के बाद मल्टीप्लेस जाने वाले दर्शकों की संख्या काफी कम हुई है। 8 नवंबर के बाद गौतमबुद्ध नगर में मनोरंजन कर विभाग के लक्ष्य में 70 फीसदी तक कमी आई है। इन दिनों केवल मल्टीप्लेस में कार्ड के जरिए बुकिंग ही चल रही है।
30 फीसदी दर्शक नकद टिकट खरीदते थे, वे अब नहीं आ रहे। दिसंबर में अब तक दर्शकों में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। नवंबर से पहले शत प्रतिशत कर की वसूली की जा रही थी, लेकिन नवंबर में केवल टीवी से ही होने वाली आय बाकी है।
दिसंबर में राजस्व के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग को आगामी शुक्रवार को रिलीज होने वाली फिल्म कहानी टू और दंगल से उम्मीद बनी थी, लेकिन दोनों ही फिल्मों को प्रदेश सरकार ने मनोरंजन कर से मुक्त रखा है। दोनों फिल्मों के ट्रैक्स फ्री होने के बाद मनोरंजन कर विभाग की उम्मीदों पर पानी फिर गिया है।
इससे पहले आई सुल्तान फिल्म ने गौतमबुद्ध नगर जनपद में डेढ़ करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस साल सुल्तान फिल्म सबसे अधिक चली थी। उसके बाद दंगल को इस तरह चलने की उम्मीद थी लेकिन टैक्स फ्री होने से कर के रूप में विभाग को कुछ नहीं मिलेगा।
जिला मनोरंजन कर अधिकारी शैलेंद्र सिंह का कहना है कि इस माह में दंगल से ही उम्मीद थी। अब वे नहीं रही है। दूसरे संसाधनों से लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
जनपद के एक स्क्रीन वाली सिनेमा हाल हुए बंद
गौतमबुद्ध नगर के दनकौर, जेवर, दादरी और सूरजपुर में कई सालों से चल रहे एक स्क्रीन वाले सिनेला हाल बंद हो गए है। जनपद में एक भी सिनेमा हाल अब नहीं चल रहा है। सूरजपुर स्थित मोहन सिनेमा हाल भी 15 दिन पहले ही बंद हुआ है। इसकी वजह नोटबंदी को बताया जा रहा है। सिनेमा हाल को दर्शक नहीं मिल रहे थे।