खास बात यह होगी कि यात्रियों को टिकट लेने के बाद ई-स्कूटर चलाने का मौका मिलेगा। मेट्रो स्टेशन, अस्पताल, मार्केट सहित दूसरे सार्वजनिक स्थलों पर ई-स्कूटर की पार्किंग की भी सुविधा होगी ताकि यात्रा समाप्त होने पर वहीं छोड़ सकें। क्यूआर कोड स्कैन कर ई- साइकिल को चलाने की फिलहाल दिल्ली में सुविधा है। द्वारका से इस परियोजना की शुरुआत 250 जगहों पर की जाएगी। इसके लिए 1500 ई-स्कूटर होंगे ताकि जरूरत के मुताबिक यात्रियों को जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुंचने का मौका मिलेगा। ब्यूरो
सुरक्षा के लिहाज से ई-स्कूटर की अधिकतम रफ्तार 60 किमी प्रतिघंटा होगी। एक बार चार्ज करने पर 60 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर सकेंगे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना को अमली जामा पहनाने में एक साल का वक्त लग सकता है। ई-स्कूटर के लिए बैटरी स्वैपिंग की भी सुविधा होगी ताकि इसे रिचार्ज किया जा सके। अधिकतम 60 किमी प्रति घंटे की गति से 60 किलोमीटर तक यात्रा कर सकेंगे। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने पर इसे पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा।