परिवहन विभाग ने राजधानी में ई-रिक्शा बेचने पर रोक लगा दी है।
जब तक इसके डीलर्स ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवा लेते बिक्री बंद रहेगी। हालांकि, सड़क पर मौजूद ई-रिक्शा चलते रहेंगे।
इनकी संख्या और नहीं बढ़े इसके लिए परिवहन विभाग ने सीधे डीलर्स पर कार्रवाई की तैयारी की है। अगर डीलर ई-रिक्शा बेचता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
राजधानी में वर्तमान में एक लाख से ज्यादा ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। डीलर्स को लाइसेंस बनवाने के लिए छह जून तक का समय दिया गया है। हालांकि, यह आदेश जारी होने के एक माह बाद भी एक भी आवेदन डीलर्स की ओर से नहीं आया है।
यह भी पढ़ें: गजब, अब दिल्ली में बिना ड्राइवर के दौड़ेगी मेट्रो
बगैर ट्रेड लाइसेंस के मानकों की अनदेखी करके डीलर्स ई-रिक्शा बेच रहे हैं। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने कहा है कि अगर जून तक ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवाया जाएगा तो डीलर्स पर कार्रवाई होगी।
उधर, विभाग ने ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन व कामर्शियल लाइसेंस बैज बनवाना भी अनिवार्य कर दिया है। एक स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के ई-रिक्शा की मोटर वाहन क्षमता 650 वाट से ज्यादा है। इस क्षमता वाले वाहन मोटर व्हीकल एक्ट के तहत आते हैं।