दिल्ली के ई-रिक्शा पर पाबंदी के खिलाफ रविवार को चालकों ने जंतर-मंतर पर एकता रैली निकाली। इस दौरान चालकों ने पाबंदी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए जल्द से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
चालकों ने कहा कि अगर सरकार रामलीला मैदान में घोषणा करने से पहले सही नियम-कानून बना लेती तो आज यह समस्या नहीं आती। बताते चलें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने ई-रिक्शा पर 28 अगस्त तक रोक लगा रखी है।
चालकों का नेतृत्व कर रहे मोज्जम खान ने कहा कि केंद्र सरकार ने चालकों के साथ धोखा किया है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ई-रिक्शा चालू रखने की घोषणा तो कर दी, लेकिन कोई नियम कानून नहीं बनाया।
गरीब चालकों ने भरोसा करके कर्ज लेकर रिक्शे खरीदे और अब उस पर पाबंदी लगने से सभी बेरोजगार हो गए। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार को कोई नियम नहीं बनाने थे तो यह घोषणा क्यों की गई।
चीन से अभी भी ई-रिक्शा के पार्ट्स क्यों आ रहे हैं। सरकार ने इस पर रोक क्यों नहीं लगाई। चालकों ने कहा कि जल्द से जल्द सरकार इसका समाधान निकाले। तभी उनके अच्छे दिन वापस आएंगे।