मालूम हो कि तोड़फोड़ के इस मामले की जांच के लिए डीयू ने तीन दिन पहले चार सदस्यीय का गठन कर दिया था। तोडफ़ोड़ के इस मामले में पुलिस भी मामला दर्ज कर चुकी है। डूसू ने मंगलवार देर रात कार्यकारी कमेटी की बैठक बुलाई, जिसमें डूसू अध्यक्ष तुषार डेढ़ा ने अभि दहिया को हटाने का प्रस्ताव पेश किया। छात्र संघ कार्यालय में हुई तोड़फोड़ में अभि दहिया की कथित संलिप्तता के कारण उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर कर दिया गया।
एनएसयूआई की ओर से इन आरोपों का नकारा जा चुका है। एबीवीपी ने आरोप लगाया था कि कार्यालय में अभि दहिया और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने पहले शराब पी और फिर तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया।
इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं डीयू ने आरोपों की जांच के लिए डीयू प्रॉक्टर रजनी अब्बी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। यह कमेटी सात दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। इस मामले को लेकर 15 जुलाई को एबीवीपी व डूसू पदाधिकारियों ने कुलपति से मुलाकात कर अभि दहिया को पद से हटा कार्रवाई करने की मांग की थी।
डूसू कार्यालय पर एनएसयूआई ने किया हमला: एबीवीपी
एबीवीपी ने कहा कि रविवार को डीयू के नॉर्थ कैंपस स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के कार्यालय पर कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई से डूसू उपाध्यक्ष अभि दहिया सहित लगभग 40 एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने हमला किया। हमलावरों ने डूसू अध्यक्ष तुषार डेढ़ा का कार्यालय, विजिटर रूम, सचिव अपराजिता व सह-सचिव सचिन बैसला का कार्यालय तोड़ दिया। इस दौरान डूसू अध्यक्ष के कार्यालय में रखी प्रभु श्रीराम की मूर्ति भी टूट गई।
सुरक्षाकर्मी का दावा- डूसू उपाध्यक्ष के कमरे में बैठकर शराब पी थी
एबीवीपी के एक कार्यकर्ता ने दावा किया कि उन्हें एक सुरक्षाकर्मी ने बताया कि तोड़फोड़ से पहले एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने डूसू कार्यालय परिसर में पीछे की तरफ स्थित एनएसयूआई से डूसू उपाध्यक्ष के कमरे में बैठकर शराब पी। उन्होंने बताया कि एनएसयूआई, डीयू के बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा जिस प्रकार का कृत्य किया है, उसका हम विरोध करते है।