एबीवीपी ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
डूसू चुनाव को लेकर छात्र संगठनों की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जहां संगठन प्रचार में लगे हैं, वहीं अपनी मांगों के लिए भी प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग कॉलेजों में प्रदर्शन किया। इस दौरान एबीवीपी ने हॉस्टल खोलने, सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाने, सुरक्षा मजबूत करने और स्पोर्ट्स की सुविधाएं बेहतर करने की मांग की। चुनाव में छात्रों के बीच पैठ बनाने के लिए एबीवीपी बुधवार को छात्र गर्जना रैली भी करने जा रही है। इसमें संसाधन बेहतर करने, कॉलेज में एनसीसी लागू करने, सभी कॉलेजों में छात्राओं के लिए हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने, विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के लिए विशेष बस सेवा शुरू करवाने, स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एक कोर्स एक शुल्क लागू करवाने, कॉलेज कैंटीनों में भोजन की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करवाने, विश्वविद्यालय परिसर में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति सुनिश्चित करवाने, सभी कॉलेजों में प्लेसमेंट सेल की स्थापना करवाने आदि अनेक विषयों को लेकर यह प्रदर्शन किया जाएगा। दिल्ली प्रांत मंत्री हर्ष अत्री ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र बेहतर सुविधाओं के अभाव में लगातार परेशान हो रहे हैं। ऐसे में हमारी मांग है कि छात्रों की समस्याओं को बारीकी से समझा जाए तथा उन समस्याओं का निवारण शीघ्र समाधान किया जाए।
डीयू को बदरंग करने पर छात्र नेताओं पर केस
डीयू चुनाव के लिए पोस्टर लगाने का सिलसिला शुरू हो गया है। बार-बार चेताने के बाद भी छात्र नेता पोस्टर लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में मौरिस नगर थाने में एबीवीपी और एनएसयूआई नेताओं के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गईं हैं। पुलिसकर्मियों ने संज्ञान लेते हुए एबीवीपी और एनएसयूआई नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट-2007 में दर्ज किया गया है।
उत्तरी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहली एफआईआर एएसआई सत्यप्रकाश की शिकायत पर की गई। करीब चार बजे वह सुधीर बोस मार्ग होते हुए वापस आ रहा था। इस बीच जैसे ही वह रामजस कॉलेज के नजदीक पहुंचा तो लॉ फैकल्टी के बाहर कई पोस्टर लगे देखे। एक पोस्टर एबीवीपी छात्र नेता तुषार डेढ़ा की ओर से लगे थे जिसमें छात्रों से एबीवीपी को ज्वाइन करने के लिए आह्वान किया गया था। इसी तरह दूसरी एफआईआर हवलदार बृज भूषण की शिकायत पर की गई। लॉ फैकल्टी के बाहर एनएसयूआई छात्र नेता हितेश गुलिया के नाम से पोस्टर लगे थे। इन पोस्टर में हितेश छात्रों को एनएसयूआई ज्वाइन करने के लिए कह रहा था।