- पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर स्थित वसुंधरा एंक्लेव, सत्यम अपार्टमेंट में वारदात, बहन कर रही थी कॉल, फोन न उठने पर फ्लैट पर पहुंची तो हत्या का पता चला
-फ्लैट के दरवाजे पर बाहर से लगा था ताला, अंदर मिला शव, जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर स्थित वसुंधरा एंक्लेव के सत्यम अपार्टमेंट के फ्लैट में डीयू के शिवाजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर की हत्या कर दी गई। मृतका की शिनाख्त देबोस्मिता पॉल (39) के रूप में हुई। बड़ी बहन लगातार उनके मोबाइल पर फोन कर रही थी, लेकिन उन्होंने रिसिव नहीं किया। फोन न उठने पर जब वह उनके फ्लैट पर पहुंची तो दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। शक होने पर उन्होंने खुद ही ताला तोड़ दिया। अंदर प्रवेश करते ही बहन की खून से लथपथ शव देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
मृतका के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार करने के अलावा उनकी एक कलाई पर कट का निशान मिला है। न्यू अशोक नगर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका के शरीर पर संघर्ष के निशान मिले हैं, लेकिन घर में फ्रेंड्ली एंट्री लगती है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं। इसी आधार पर आधा दर्जन टीमें बनाकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली देबोस्मिता पॉल वसुंधरा एंक्लेव के सत्यम अपार्टमेंट की छठी मंजिल स्थित फ्लैट में अकेली रहती थीं। देबोस्मिता पॉल डीयू के शिवाजी कॉलेज में अंग्रेजी की सहायक प्रोफेसर थीं। उनकी बड़ी बहन देवरती पॉल (49) परिवार के साथ मयूर विहार इलाके में रहती हैं। बृहस्पतिवार सुबह से देवरती पॉल बहन के मोबाइल पर फाेन कर रही थीं, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। दोपहर के समय वह बहन के फ्लैट पर पहुंची तो दरवाजा बाहर से बंद था। देवरती को कुछ शक हुआ को उन्होंने फ्लैट के दरवाजे पर लटका ताला तोड़ दिया।
अंदर जाने पर बहन का शव फर्श पर पड़ा मिला। दोपहर करीब 2.35 बजे देवरती ने पीसीआर कॉल कर बहन की हत्या की सूचना पुलिस को दी।
पति से अलग रह रही थी देबोस्मिता
फ्लैट में पिछले करीब चार सालों से देबोस्मिता अकेले ही रह रही थीं। 2016 में जामिया मिलिया से पीएचडी करने के बाद इनकी वर्ष 2017 में शादी हुई थी। बाद में देबोस्मिता ने डीयू में शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के रूप में काम करना शुरू कर दिया था। किसी वजह से इनका पति से विवाद हो गया। उसके बाद वर्ष 2022 में वह पति से अलग अकेले रहने लगीं। इनके पति बंगलूरू में रहते हैं। पुलिस ने उनको भी सूचना दे दी है।
किसी जानकार पर हत्या का शक
शुरुआती जांच के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि देबोस्मिता का जो भी हत्यारा है, उसकी फ्रेंड्ली एंट्री हुई है। इसका मतलब है कि देबोस्मिता आरोपी को जानती थी। अंदर कुछ समय बिताने के बाद आरोपी ने किसी भारी वस्तु से वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान देबोस्मिता ने अपनी जान बचाने के लिए खूब जद्दोजहद भी की।
जांच में पता चला है कि बुधवार को देबोस्मिता ने अपनी मां को ऑन लाइन दवाइयां भेजी थीं। उसके बाद उनके घर पर कुछ डिलीवरी वाले भी पहुंचे थे। पुलिस सबकी सूची बनाकर उनसे पूछताछ करने की बात कर रही है। परिजनों का कहना है सोसायटी के गेट पर 24 घंटे सुरक्षा रहती है, इसके बावजूद आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया।