न्यूनतम योग्यता सुनिश्चित करने के लिए केवल एक बोर्ड की अंकतालिका पर विचार किया जाएगा
एक से अधिक बोर्ड की अंकतालिका को न्यूनतम योग्यता के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के तहत स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों को बारहवीं एक बोर्ड से ही पास होना जरूरी है। न्यूनतम योग्यता के रूप में एक से अधिक बोर्ड की अंकतालिका पर विचार नहीं किया जाएगा। न्यूनतम योग्यता के लिए यह एक शर्त रखी गई है। डीयू ने छात्रों को स्पष्ट किया है कि उन्हें न्यूनतम के साथ-साथ प्रोग्राम संबंधित योग्यता को भी देखना होगा।
डीयू ने कॉमन न्यूनतम योग्यता के लिए स्पष्ट किया है कि छात्र का एक ही मान्यता प्राप्त या उसके समकक्ष एक ही बोर्ड से बारहवीं पास होना जरूरी है। यदि किसी छात्र ने एक से अधिक बोर्ड से विषयों को पास किया है तो वह उन विषयों में सीयूईटी के लिए उपस्थित हो सकता है, जिसमें उसने 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण की है। हालांकि, न्यूनतम योग्यता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केवल एक बोर्ड की मार्कशीट डिग्री पर विचार किया जाएगा।
डीयू दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी ने कहा कि हम न्यूनतम योग्यता एक ही बोर्ड से तय करते हैं। इसके लिए बारहवीं एक ही बोर्ड से पास होना जरूरी है। इसको इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि किसी छात्र ने सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा के तहत पांच विषयों की परीक्षा दी। लेकिन गणित को छोड़ दिया और उसे एनआईओएस (ओपन बोर्ड) से पास कर लिया। तब गणित के लिए उसकी एनआईओएस की अंक तालिका को स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्र की न्यूनतम योग्यता सीबीएसई की पांच विषयों में पास की गई परीक्षा से जारी अंकतालिका से स्वीकार की जाएगी।
प्रो गांधी ने कहा कि हम बार-बार सलाह दे रहे हैं कि वह सीयूईटी के लिए आवेदन करने पहले डीयू के कोर्सेज की विशिष्ट योग्यता को भी जरूर देखें। इस तरह से न्यूनतम और कोर्स संबंधित योग्यता का छात्रों को ध्यान रखना होगा। छात्रों के लिए सीयूईटी (यूजी)-2024 में उन विषयों में उपस्थित होना अनिवार्य है जिनमें वह उपस्थित हो रहा है या बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुका है।