राखी के त्योहार पर बहनों को भाइयों से मिलाने के लिए डीटीसी ने अधिक से अधिक बसों को सड़कों पर उतारने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन यह घोषणाएं मात्र कागजों तक ही सीमित रही।
रक्षाबंधन पर फ्री के नाम पर महज 60 फीसदी बस ही सड़कों पर उतरीं, जिसके चलते सड़कों पर बहनों को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ा। दिल्ली-एनसीआर में त्योहार पर स्टाफ की कमी के चलते कुल 14,165 ट्रिप मिस हुए हैं।
डीटीसी की इस कार्यप्रणाली से बहनों के साथ बड़ा धोखा हुआ है। वादों से इतर, इंतजाम पूरे न होने के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।