दोपहर करीब साढ़े 12 बजे इस बस स्टॉप के आसपास वाहनों की अवैध पार्किंग का जमावड़ा मिला। यहां पर बस स्टॉप पर कामकाजी युवक-युवतियां बड़ी संख्या में बसों का इंतजार करते नजर आए। इस बीच एक युवती से जब बात की गई तो उसने अपना नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि वह मुनिरका गांव में कई सालों से रहती हैं।
निर्भया के साथ हुई घटना के बाद वसंत विहार बस स्टॉप के आसपास करीब 800 मीटर के दायरे में लगभग 6 महीनों तक वाहनों के खड़े होने पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब फिर से माहौल पहले जैसा असुरक्षित है। बस स्टॉप के आसपास पुलिस बूथ भी नहीं है और पुलिसकर्मी भी नहीं दिखाई देते। शाम के समय वह बस स्टॉप के आसपास असुरक्षित महसूस करती हैं।
वसंत विहार बस स्टॉप के पास के करीब 15 साल से काम करने वाले मेहंदी हसन ने बताया कि घटना के बाद बस स्टॉप के पास सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि सीसीटीवी कैमरा काम करता है या नहीं? निर्भया के साथ हुई घटना आज भी उन्हें याद है और वह चाहते हैं कि दोषियों को जल्द फांसी मिले।
जिस वक्त यह घटना घटी थी उस समय यह वसंत विहार थाना क्षेत्र के दायरे में आता था, लेकिन अब यह थाना किशनगढ़ क्षेत्र अंतर्गत आता है। अगर वसंत विहार बस स्टॉप पर कोई अनहोनी हो जाए और किसी को थाने पहुंचना हो तो यहां से थाना काफी दूरी पर पहुंचा दिया गया है। उन्होंने कहा कि बस स्टॉप पर एक सीसीटीवी कैमरा लगाकर छोड़ दिया गया है। यहां शाम के वक्त असामाजिक तत्व भी घूमते हैं, जिनसे खासतौर पर लड़कियों को खतरा रहता है।
वसंत विहार बस स्टॉप से कुछ ही मीटर की दूरी पर मुनिरका गांव स्थित पेइंग गेस्ट (पीजी) में बड़ी संख्या में कामकाजी लड़कियां रहती हैं। यहां से बाहर आने वाली लड़कियां अधिकतर इसी बस स्टॉप से बस या इसके पास से ऑटो रिक्शा लेकर अपने गंतव्यों तक जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद जो सुरक्षा के इंतजाम यहां किए गए हैं, वे ना के बराबर हैं। पुलिस को वसंत विहार इलाके समेत अन्य सभी इलाकों में लड़कियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।