आतंकियों, बदमाशों को पकड़ने और सांप्रदायिक झगड़े के दौरान गाजियाबाद पुलिस ड्रोन की मदद लेगी। गूगल मैप से कनेक्ट होने के बाद पूरे गाजियाबाद पर इसी विमान के जरिए निगहबानी की जाएगी।
इसके साथ ही ड्रोन से लैस होने वाला गाजियाबाद मेरठ जोन का पहला जिला बन जाएगा। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने पिछले दिनों हुए सांप्रदायिक झगड़े के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठी की थीं।
एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि ड्रोन को गूगल मैप से कनेक्ट किया जाएगा। पुलिस आफिस से उसकी मानीटरिंग होगी। इसके लिए शासन को लिखा गया है। अनुमति मिलते ही ड्रोन खरीद लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ड्रोन आने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और भी पुख्ता हो जाएगी। ड्रोन से पुलिस घरों, बिल्डिंगों और खेतों में छिपे बदमाशों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। रैलियों व बड़े कार्यक्रमों की सुरक्षा पुख्ता करने में मदद मिलेगी।
ऐसे काम करेगा ड्रोन-ड्रोन एक्सपर्ट इफ्फत अरकम निवासी दिल्ली ने बताया कि ड्रोन बैटरी और पेट्रोल के जरिये संचालित होते हैं। जो ड्रोन पुलिस इस्तेमाल करती है, उनकी कीमत 10 से लेकर 40 लाख तक है।
कंपनियों के हिसाब से अलग-अलग होती कीमतें भी हैं। उसी लिहाज से उनकी क्षमता होती है। ड्रोन केजरिये लाइव वीडियो और फोटोग्राफ लिए जा सकते हैं। छिपे व्यक्ति और चीजों को भी आसानी से देखा जा सकता है।