मंडी हाउस पर स्थित रवीन्द्र भवन के साहित्य अकादमी सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर केके बिरला फाउंडेशन ने साल 2021 का सरस्वती सम्मान हिन्दी भाषा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रामदरश मिश्र को प्रदान किया।
केके बिरला फाउंडेशन ने साल 2021 का सरस्वती सम्मान हिन्दी भाषा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रामदरश मिश्र को प्रदान किया। साल 2015 में प्रकाशित उनके प्रसिद्ध कविता संग्रह 'मैं तो यहां हूं' के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया।
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मंडी हाउस पर स्थित रवीन्द्र भवन के साहित्य अकादमी सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. रामदरस मिश्र के अलावा के के बिरला फाउंडेशन की अध्यक्ष शोभना भरतिया, चयन समिति के सदस्य सचिव सुरेश ऋतुपर्ण, चयन परिषद के अध्यक्ष सुभाष कश्यप खास तौर से उपस्थित रहे। हिन्दी भाषा के जाने-माने कवि व कथाकार डॉ. रामदरश मिश्र का जन्म 15 अगस्त 1924 में उत्तर प्रदेश के जिला गोरखपुर के एक गांव डुमरी में हुआ। उनकी उच्च शिक्षा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में हुई। आजीविका के आरम्भिक वर्षों में उन्होंने बड़ौदा, अहमदाबाद और नवसारी में अध्यापन कार्य किया। उसके बाद वह 1964 में दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक होकर आ गए और 1990 में यहीं से अवकाश ग्रहण किया।
डॉ. मिश्र की साहित्य साधना आज भी पूरे उत्साह और उल्लास के साथ जारी है। अब तक उनकी सौ से ऊपर कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। डॉ. मिश्र ने प्राय: सभी विधाओं में साहित्य रचना की है। हिन्दी साहित्य जगत में डॉ. रामदरश मिश्र का स्थान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। सरस्वती सम्मान से सम्मानित उनकी काव्य-कृति 'मैं तो यहाँ हूँ' अपनी विषयवस्तु बिम्ब सौन्दर्य व प्रतीकात्मकता के कारण एक उल्लेखनीय कृति के रूप में स्वीकृत की गई है। डॉ. मिश्र को साहित्य अकादेमी पुरस्कार, व्यास सम्मान व दयावती मोदी सम्मान सहित अन्य अनेक महत्वपूर्ण पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।