डॉक्टरों की लंबित मांगों पर फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (फोर्डा) ने निराशा जाहिर करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के समक्ष दस मांगों का चार्टर रखा है। इनमें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अनुरूप भारतीय चिकित्सा सेवा का गठन करना, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम का अधिनियमन, जोखिम भत्ता और बांड-मुक्त चिकित्सा शिक्षा प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा संविदा पदों के स्थान पर डॉक्टरों के लिए स्थायी पदों का सृजन करना, तदर्थ(एडहॉक) पदों पर कम से कम छह माह की अवधि का प्रावधान, रेजीडेंसी योजना में संशोधन, रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए एक समान वजीफा का प्रावधान, समय पर नीट पीजी परीक्षा का आयोजन और एनईईटी का गठन करना शामिल है।