फरीदाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल बीके में आजकल अधिकारी अपनी असहायता का प्रदर्शन कर रहे हैं।
पिछले कुछ समय से डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। जिस पर सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह ने पीएमओ (प्रधान चिकित्सा अधिकारी) डॉ. किशन कुमार के साथ बैठक की। जिसमें सीएमओ डॉ. सिंह ने डॉक्टरों द्वारा बरती जा रही लापरवाही का कारण पूछा। लापरवाही पर पीएमओ ने क्या कार्रवाई की है इसका जवाब भी मांगा।
अपने जवाब में पीएमओ डॉ. किशन कुमार ने कहा कि किसी भी लापरवाही की शिकायत आने पर डॉक्टर को तलब किया जाता है। उससे स्पष्टीकरण भी लिया जाता है। लेकिन इसके अलावा कोई कार्रवाई करने का अधिकार उनके पास नहीं है। जिस कारण डॉक्टरों पर सख्ती नहीं हो पाती।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर उनकी नहीं सुनते। जिले में सिविल सर्जन और पीएमओ को किसी भी डॉक्टर का ट्रांसफर करने या निलंबित करने का अधिकार नहीं है।
इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह ने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार आला अध्राकारियों से बात की गई है। लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। कहने का मतलब यह है कि डॉक्टरों की मनमानी चलती रहेगी। उनकी लापरवाही से मरीजों को कितनी भी परेशानी उठानी पड़े या फिर किसी की जान चली जाए। डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं होगी।