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अफवाहों में न आएं, दूध और अखबार से नहीं फैलता कोरोना

Thu, 19 Mar 2020 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस से सतर्कता बरतते लोग - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस को लेकर तरह-तरह की अफवाह चल रही हैं। सरकार भी बार-बार इन अफवाहों से बचने की सलाह दे रही है। इन दिनों अफवाह है कि दूध का पैकेट लाने, डोरबेल बजाने या फिर अखबार पढ़ने से भी कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं। 

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हालांकि डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि आप बिना डरे अखबार पढ़ सकते हैं और डोरबेल भी बजा सकते हैं। अगर आपको इस बात को लेकर डर है तो आप इनके इस्तेमाल के बाद अच्छे सा हाथ धोएं या सैनिटाइजर से साफ करें। 

साथ भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें और संदिग्ध व्यक्ति से दूरी रखें। एक शोध के मुताबिक कोरोना वायरस नर्म सतह पर दो दिन और कठोर सतह पर चार से नौ दिन तक रह सकता है। यह वहां के तापमान और आर्र्दता पर निर्भर करता है।
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कहां कितने दिन तक रहता है वायरस
जगह                 समय
कार्डबोर्ड          24 घंटे
रबड़                 08 घंटे
पॉलिथीन           16 घंटे
शीशा                 04 घंटे
तांबा                   04 घंटे
हवा                   03 घंटे
प्लास्टिक           03 दिन
स्टील                03 दिन


 

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संक्रमण के डर से टेंपो से यात्रा करने से परहेज करने लगे हैं लोग

कोरोना के डर से लोग कैब और ऑटो से यात्रा करने से परहेज करने लगे हैं। स्थिति यह है कि ऑटो चालकों के बीच सवारियों को बैठाने की होड़ लगने लगी है। कनॉट प्लेस के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, मंडी हाउस सहित कई मेट्रो स्टेशन के बाहर यही स्थिति देखने को मिली। टैक्सी और ऑटो संचालकों का कहना है कि सवारी न होने की वजह से पूरे दिन की कमाई काफी कम हो गई है। हालात ऐसे ही रहे तो गाड़ी का किस्त चुकाना भी मुश्किल हो जाएगा। 

उधर, दिल्ली टैक्सी, टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने अध्यक्ष संजय सम्राट के नेतृत्व में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की। सदस्यों ने मांगों के समर्थन में मंत्री को ज्ञापन सौंपा। यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि ड्राइवर और स्टाफ के वेतन के लिए दूसरों से कर्ज लेना पड़ रहा है। मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में छह महीने तक किस्त न लेकर, इसे बाद में एक साथ लेने, ईएसआई, पीएफ और जीएसटी छह महीने बाद बगैर जुर्माना अदा करने की सुविधा सहित अन्य मांगे शामिल हैं। मंत्री ने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। 
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