देश की सुरक्षा एजेंसियों को धता बताकर दिल्ली पुलिस का बर्खास्त सिपाही आशीष सिंह उर्फ कालू दिल्ली पहुंच गया। दुबई में बैठ कर रोहित गोदारा, हासिम बाबा और काला जठेरी गैंग (लॉरेंस बिश्नोई गैंग) से जुड़ा आरोपी पिछले दिनों दुबई से पानीपत आ गया। यहां पर उसकी अपने पार्टनर के फार्महाउस में संदिग्ध हालत में मौत हो गई।
परिजन पुलिस को बताए बिना उसके शव को कंझावला दिल्ली स्थित पंजाब खौड गांव ले आए और आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया। दिल्ली पुलिस जबरन उगाही के दो मामलों में आरोपी की एलओसी खुलवाने जा रही थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आशीष उर्फ कालू नाम का बदमाश व दिल्ली पुलिस का बर्खास्त सिपाही दुबई से कुख्यात गोल्डी बराड़/लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को चला रहा था। इसी ने 18 दिसंबर, 2023 को दुबई स्थित खतरनाक गैंगस्टर रोहित गोदारा, हासिम बाबा और काला जठेरी (लॉरेंस बिश्नोई गिरोह) के निर्देश पर कीर्ति नगर इलाके में व्यवसायी के आवास पर कई राउंड फायरिंग करवाई थी। इसके बाद फर्श बाजार इलाके में व्यवसायी के आवास पर भी फायरिंग की।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का ये भी मानना है कि आरोपी सिपाही पर जब दुबई में देश की सुरक्षा एजेंसियों का दबाव बढ़ा तो वह दुबई से भारत भाग आया। वह सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर पानीपत पहुंच गया। बताते चलें कि सुरक्षा एजेसिंयों के दबाव में कभी अलग अलग काम करने वाले रोहित गोदारा, हासिम बाबा और काला जठेरी गैंग (लॉरेंस बिश्नोई गैंग) अब एक साथ काम कर रहे हैं। बर्खास्त सिपाही इनसे जुड़ा था।
बदमाशों के बीच रहने का था शौक
अधिकारियों के अनुसार, आशीष सेहरावत को बदमाशो के बीच रहने का बहुत शौक था। वह पहले सोनू दरियापुर से जुड़ा। इसके बाद वह अशोक प्रधान का खास हो गया। फिर वह लारेंस बिश्राई गिरोह का खास हो गया। इस गिरोह के लिए ये दुबई व भारत में जबरन उगाही करवा रहा था। यह रंगदारी नहीं देने वाले कारोबारियों पर शूटरों से फायरिंग करवा देता था। स्पेशल सेल आरोपी सिपाही की तिहाड़ जेल में हुई गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या में भूमिका की जांच कर रही है।