फरीदाबाद में रेल दुर्घटना एवं अन्य आपदाओं से निपटने में दक्षता हासिल करने के लिए रेल कर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए इसका जोनल सेंटर बनाया जाएगा।
पिछले वर्ष उत्तराखंड में आयी भीषण तबाही को देखते हुए रेलवे ने अपने कर्मचारियों को आपदा से निपटने में दक्ष बनाने का निर्णय लिया है।
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सेंटर में कर्मियों को बचाव की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा ताकि जान-माल के नुकसान में कमी लाई जा सके। रेलवे के सिविल डिफेंस विंग ने रेलवे बोर्ड की बैठक में इस बात को रख चुका है। बोर्ड की हरी झंडी मिलते ही दिल्ली अथवा आस-पास के क्षेत्र में जोनल सेंटर का अमली जामा पहनाया जाएगा।
दरअसल देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाली रेल दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में जानमाल का नुकसान होता है। प्रशिक्षण के अभाव में रेलकर्मी आपदा से उस तरह नहीं निपट पाते हैं, जिस तरह की जरूरत होती है।
ऐसे में जानमाल का नुकसान अधिक हो जाता है। विभाग का मानना है कि यदि रेलकर्मियों को आपदा से निपटने की अच्छी जानकारी होगी तो राहत एवं बचाव कार्य में ठीक ढंग से मदद हो सकेगी और जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।
बनाया जाएगा जोनल ट्रेनिंग सेंटर
अभी रेलवे के सिविल डिफेंस विंग द्वारा नार्दन रेलवे के कर्मचारियों को संबंधित स्टेशनों पर जाकर पांच दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इसे स्थाई और नियमित तरीके से चलाने के लिए दिल्ली के आस-पास जोनल सेंटर बनाने की योजना है। करीब दो महीने पहले रेलवे बोर्ड के साथ सिविल डिफेंस विंग की हुई बैठक में इस मुद्दे को रखा गया है। बोर्ड की मंजूरी मिलते ही इसे अमली जामा पहना दिया जाएगा। जोनल सेंटर में रेलकर्मियों को आग से बचाव, दुर्घटना में रेस्क्यु करने के तरीके, प्राथमिक उपआर समेत अन्य 12 सेवाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पिछले सप्ताह आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग देने फरीदाबाद आए रेलवे सिविल डिफेंस विंग के इंस्पेक्टर सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि रेलवे सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा संगठन है। ऐसे में रेलकर्मियों को आपदा से निपटने की जानकारी होनी जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्थाई जोनल सेंटर बनाने की योजना है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलते ही इसे अमली जामा पहना दिया जाएगा। अभी तक जगह का चयन नहीं हो पाया है।