अब नन्हें-मुन्ने (3 से 6 साल ) बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई सीखेंगे। दरअसल, बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने विद्यारंभ पैकेज तैयार किया है। इसमें तीन महीने का खेल आधारित मॉड्यूल, शिक्षकों के लिए खेल पिटारा पुस्तक व बच्चों के अभ्यास के लिए कार्य पुस्तिका शामिल हैं।
स्कूल की तैयारी में बच्चों को खेल आधारित गतिविधियों में शामिल करके उन्हें पढ़ाई और संख्यात्मक चीजें सिखाना है। साथ ही उन्हें सामाजिक और भावनात्मक कौशल प्रदान करना। इस पूरे पैकेज के तहत बच्चों को खेल-खेल में संज्ञानात्मक और भाषाई दक्षताओं के साथ तैयार किया जाएगा।
शिक्षा निदेशालय के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में स्कूल की तैयारी का निर्माण करने के लिए एक 3 महीने का प्ले-आधारित स्कूल तैयारी मॉड्यूल बनाने का सुझाव दिया है। इसके अनुसार एनसीईआरटी द्वारा विद्या-प्रवेश के नाम से दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
इसके बाद निदेशालय ने विद्यारंभ स्कूल पैकेज तैयार किया है। यह विद्या प्रवेश और एनईपी 2020 की तर्ज पर बनाया गया है। यह एक ऐसा पैकेज है जो बच्चों को बेहतर वातावरण देने में मदद करेगा।
मॉड्यूल के तहत पहले चार सप्ताह में बच्चों को दैनिक गतिविधियों को शामिल किया गया है, जो कि प्रतिदिन चार घंटे के लिए होगी। दूसरे महीने में कुछ अलग तरह की गतिविधियां हैं। तीसरा महीना गतिविधियों का एक पूल है।
वहीं, खेल पिटारा पुस्तक शिक्षकों के लिए है जो कि बच्चों की रुचिकर तरीके से सीखने की जरूरतों को पूरा करती है। बच्चों को यह जो पिटारा दिया जाएगा उसमें तीस बच्चों के लिए शिक्षक सहायक सामग्री है। इसमें पजल, गेम्स व अन्य गतिविधियां शामिल हैं। शिक्षकों को इस खेल पिटारा को कैसे इस्तेमाल करना है इसकी गाइडलाइंस भी दी गई हैं। इसे इस तरह से तैयार किया गया है जिससे कि बच्चे का संपूर्ण विकास हो। खेल-खेल में सीखने से वह स्कूल जाने के लिए जल्दी तैयार हो सकेंगे।