दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने वित्तीय संस्थानों से करोड़ों रुपये का गबन करने के आरोप में जयपुरिया बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दंपती को पुणे से गिरफ्तार किया है। इनपर आरोप है कि वर्ष 2007 में दंपति ने एक आवासीय परियोजना शुरू की। आरोपियों ने एक ही फ्लैट को कई खरीदारों को आवंटित किया और बाद में उसी फ्लैट को अलग-अलग वित्तीय संस्थानों के पास कई बार गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का गबन किया।
इनके खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा के अलावा बाराखंभा और बदरपुर थाने में भी फर्जीवाड़े का एक मामला दर्ज है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साल 2011 में इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के वेद सिंह धनखड़ ने जयपुरिया बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ 5.6 करोड़ रुपये का गबन करने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि निदेशकों ने साल 2007 में गाजियाबाद के एनएच 24 पर जयपुरिया अपार्टमेंट क्रॉसिंग रिपब्लिक नाम से परियोजना शुरू की। आरोपी निदेशकों के आश्वासन पर शिकायतकर्ता ने परियोजना में खरीदारों को 24 ऋण स्वीकृत किए। बाद में पता चला कि आरोपी ने एक ही फ्लैट अलग-अलग खरीदारों और वित्तीय संस्थानों को आवंटित किया था और शिकायतकर्ता से 5.6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता और खरीदारों से पूछताछ की। पता चला कि आरोपी निदेशक अशोक गोयल ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से 5.6 करोड़ रुपये लोन लिए। अदालत ने अशोक गोयल को इस मामले में भगोड़ा करार दिया।
शाखा की टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली एनसीआर में कई जगहों पर दबिश दी। बाद में तकनीकी जांच में पता चला कि अशोक गोयल और उसकी पत्नी वंदना गोयल पुणे महाराष्ट्र में छिपे हैं। पुलिस की टीम ने वहां दबिश देकर दंपती को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के बाद पुलिस ने बताया कि अशोक गोयल हापुड़ के एसएसवी कॉलेज से स्नातक है। 1987 में उसने वेल्डिंग रॉड्स का व्यापार शुरू किया और साल 2005 में आरोपी ने जयपुरिया बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी बनाई।