ऐसे पकड़े गए आरोपी
जांच में पता लगा कि पीडि़त के आईसीआईसीआई बैंक खाते से 44,45,436 की राशि पीएनबी बैंक चालू खाते में जमा की गई थी। पीएनबी बैंक खाते का और विवरण मांगा गया और उसका विश्लेषण किया गया। पता लगा कि बैंक खाता उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल निवासी नीवा सिंह पत्नी श्री. प्रमोद कुमार सिंह के नाम पर खुला हुआ था। मनी ट्रेल के विश्लेषण के दौरान पता लगा कि ठगी की रकम को 35 से अधिक खातों में स्थानांतरित किया गया था और कथित खातों के पते देश के विभिन्न राज्यों के हैं।
आरोपी ने महिला से खुलवाया खाता
निवा सिघ ने बताया कि वह सिलाई का काम करती है और अपने 13 साल के इकलौते बेटे के साथ अपने पति से अलग रहती है। 2018-2019 में, उसने उसी इलाके में रहने वाले राकेश कुमार सिंह से सिलाई के लिए कपड़े खरीदना शुरू किया। वह समय पर पूरी राशि चुकाने में असमर्थ थी और राकेश ने उसे इस शर्त पर ऋण सुविधा प्रदान की कि वह उसे एक चालू बैंक खाता खुलवाकर देगी।
राकेश के निर्देश, सुविधा और मार्गदर्शन पर उसने पीएनबी में उक्त चालू खाता खोला। इसके अलावा, आवश्यकता के अनुसार, राकेश ने पीएनबी बैंक अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन से पहले कपड़ों का स्टॉक भी व्यवस्थित कर लिया था। कथित राकेश ने पंजीकृत मोबाइल नंबर, डेबिट कार्ड, लॉगिन क्रेडेंशियल के साथ उसका खाता ले लिया।
वीपीएन नंबर का इस्तेमाल किया
जांच के दौरान, यह पाया गया कि पीडि़त को कॉल एक प्रॉक्सी सिम के माध्यम से की गई थी, जिसका उपयोग शिकायतकर्ता को एक कॉल करने के लिए किया गया था। स्काइप से अधिक जानकारी प्राप्त की गई और पता चला कि जालसाजों द्वारा वीपीएन का उपयोग किया गया था।