सनातन धर्म के मंडन का विचार होना चाहिए : डॉ. सुधांशु त्रिवेदी
इस मौके पर सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संत जीवंत तीर्थ माने जाते हैं। धर्म को लेकर बच्चे पूछते हैं, लेकिन कई अभिभावकों को पता ही नहीं होता। धर्म पढ़ना तो दूर, पलटा तक नहीं है। आज अगर सनातन के खंडन का विचार है, तो मंडन का विचार भी होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री सबसे युवा सनातन धर्म के प्रचारक हैं, जोकि संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। यह अमृत काल की पीढ़ी आने वाले सनातन धर्म का एक हजार वर्ष का इतिहास बनाएगी।
वहीं, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि केदारनाथ, बद्रीनाथ को बागेश्वर धाम ध्यान में लाए हैं। आस्था का सम्मान ही सनातन धर्म है। वर्तमान समय में लोग किताबों और अपने आप को भी पढ़ना भूल गए हैं। सनातन नहीं होगा, तो धर्मनिरपेक्षता, मानवता नहीं होगी। सनातन बीमारी नहीं इलाज है। राम विवाद नहीं समाधान है। इस दौरान सांसद मनोज तिवारी भी उपस्थित रहे।