दोमंजिला मालगाड़ी के लिए तैयार सुरंग
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पश्चिम समर्पित कॉरिडोर पर सोहना में मालगाड़ी 60 फीट की ऊंचाई पर दौड़ेगी। इसके लिए पिलर तैयार किए जा रहे हैं। इन पिलर पर बिछाई जाने वाली लाइन पर मालगाड़ी की गति 10 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। यहां से गांव धुलावट से शुरू होने वाली सुरंग तक पहुंचने के बाद गाड़ी की गति बढ़कर 100 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी।
पिलर पर बनने वाली लाइन से गुजरते समय मालगाड़ी पूरे सोहना शहर में दिखाई देगी।
डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफएफसीआई) की विशेष लाइन पर रेवाड़ी में प्रवेश से पहले मालगाड़ी को एक किलोमीटर लंबी सुरंग से गुजरना होगा।
नगर परिषद के वार्ड-10 से पार्षद नरेंद्र सैनी का कहना है कि कॉरिडोर के लिए रेलवे ने उनकी जमीन का भी अधिग्रहण किया है। दो मंजिला मालगाड़ी के लिए विश्व की पहली विद्युतीकृत सुरंग तैयार हो गई है। इसे डीएफएफसीआई ने एक साल से भी कम समय में तैयार किया है।
अरावली में बनी यह सुरंग गुरुग्राम और नूंह जिलों को जोड़ती है। इसका पार अनुभाग क्षेत्र (क्रॉस सेक्शन एरिया) 150 वर्गमीटर है। यह 15 मीटर चौड़ी और 10.5 मीटर चौड़ी है। दो मंजिला मालगाड़ी इसमें से आसानी से गुजर सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक, तेज गति के लिए सुरंग के अंदर बेलास्टेड टैग बिछाया गया है। सुरंग की भौगोलिक मजबूती बेजोड़ है। इसे दिल्ली सुपर ग्रुप के अलवर अजबगढ़ समूह के 2500 से 50 करोड़ साल पुरानी प्रोटेरो जोइक चट्टानों, खास तौर से क्वॉटजाइट, शिस्टस और सैलेटस से बनाया गया है। इसमें से डबल डेकर और 25 टन एक्सल लोड वाली मालगाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से निकल सकती हैं।
रेलवे ने बनाया है नया कीर्तिमान
इस कॉरिडोर को बनाकर रेलवे ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सुरंग में डबल डेकर मालगाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। कॉरिडोर तैयार होने से मालगाड़ी और यात्री गाड़ी के रास्ते अलग-अलग हो जाएंगे।
-अनुराग सचान, प्रबंध निदेशक, डीएफसीसीआई