पठानकोट मे एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद एनसीआर में हाईअलर्ट जारी किया गया है। बावजूद इसके बुधवार को औद्योगिक शहर की सुरक्षा व्यवस्था काफी लचर दिखाई दी।
रेलवे स्टेशन सुरक्षा विहीन नजर आए तो जिले की सबसे महत्वपूर्ण इमारत लघु सचिवालय में चंद पुलिस वाले ही दिखे। दूसरे जिलों से शहर में प्रवेश करने वाली सड़कों की सीमा पर नाकाबंदी भी नाममात्र को ही दिखाई दी। अमर उजाला टीम ने राजधानी दिल्ली से जुड़े इस शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तो कुछ यह हालात नजर आए।
स्थान: लघु सचिवालय, समय : दोपहर 12:40 बजे-
लघु सचिवालय के मुख्यद्वार पर कोई सुरक्षा कर्मी नहीं। यहां कार-बाइक स्टैंड का कर्मचारी लोगों को वाहन अंदर ले जाने से रोकता दिखा। कुछ लोग घुड़की देकर वाहन अंदर ले गए किसी सुरक्षाकर्मी ने उन्हें नहीं रोका। डीसी कार्यालय के मेन गेट पर डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएएफएमडी) के पास एक हथियारबंद जवान तो बैठा मिला।
कहीं नजर नहीं आए सुरक्षाकर्मी
लेकिन वह किसी आने जाने वाले की तलाशी लेकर जांच नहीं कर रहा था। भूतल पर स्थित जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर के गेट पर कोई सुरक्षा नहीं यहां तक कि लिफ्ट में भी कोई ऑपरेटर नहीं था। इस रास्ते से कोई भी अराजकतत्व लिफ्ट का प्रयोग कर किसी भी तल पर आसानी से पहुंच कर वापस भी लौट सकता है।
स्थान : कोर्ट परिसर, समय : दोपहर 1:10 बजे-
लघु सचिवालय से कोर्ट परिसर की ओर जाने वाले रास्ते पर रखा डीएफएमडी लावारिस दिखा। यहां न तो कोई पुलिसकर्मी नजर आया और न ही लोग डीएफएमडी का इस्तेमाल कर प्रवेश करते दिखे।
कचहरी परिसर में कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखा। हां कुछ पुलिस वाले दिखाई दिए तो वह अपने साथ कैदी या आरोपियों को पेशी पर लाए थे, वह कोर्ट परिसर की सुरक्षा में तैनात नहीं थे। सेक्टर 12 की ओर से आने वाले गेट पर जरूर डीएफएमडी काम करता मिला और पुलिस वाले लोगों की तलाशी लेते दिखे।
एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा भी चिंताजनक
स्थान: ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन, समय: सुबह 11:10 बजे-
ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन परिसर निर्माणाधीन है। इसलिए यहां घुसने के कई चोर रास्ते हैं। बावजूद इसके न तो प्लेटफॉर्म पर और न ही स्टेशन परिसर में पुलिस वाले दिखाई दिए।
दिल्ली की ओर बने एक चोर रास्ते का उपयोग कर लोग धड़ल्ले से एक नंबर प्लेटफॉर्म होते हुए स्टेशन परिसर में कहीं भी आ जा रहे थे। टिकट घर की ओर बने रास्ते पर भी कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था। यहां से भी लोग बेरोक-टोक स्टेशन परिसर में अंदर-बाहर आ जा रहे थे।
एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था इसके आस पास बसी आबादी की वजह से चिंताजनक हो गई है। गली नंबर पंद्रह में स्टेशन की बाउंड्रीवाल इतनी नीची हो गई है कि कोई भी इसे आसानी से फांद कर अंदर दाखिल हो सकता है।
कमला वाली गली में तो यह दीवार टूट भी चुकी है इसे टीन का टुकड़ा लगा कर अस्थायी रूप से बंद किया गया है। (सुरक्षा कारणों से यहां की फोटो नहीं प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं) स्थानीय लोगों ने बताया कि स्टेशन की बाउंड्री वाल असुरक्षित है।