100 साल से भी पुरानी हैं कई दुकानें
चांदनी चौक की संकरी गलियां अपने अंदर इतिहास समेटे हुए हैं। ऐसे में यहां लोग पुराने स्वाद का भी लुत्फ लेने पहुंचते हैं। इसमें कई कुल्फी व आइसक्रीम की दुकानें हैं। जो मौसमी फलों से कुल्फी व आइसक्रीम बनाते और बेचते हैं। इनमें कई दुकानें तो 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं। जिसमें कुरेमल मोहनलाल कुल्फी मशहूर हैं। इसके दीवाने बॉलीवुड सितारों से लेकर उद्योगपति घराने तक हैं। केरल से चांदनी चौक घूमने आए केके द्रविड बताते हैं कि वह अपनी छुट्टियों को बिताने के लिए परिवार के साथ चांदनी चौक आए हैं। वह कहते हैं कि बच्चों को इतिहास के स्वाद पुराने स्वाद से रूबरू कराना जरूरी है।
70 हजार लीटर आइसक्रीम की प्रतिदिन होती है खपत
दिल्ली में आइसक्रीम की खपत दो तरह से होती है। एक लोकल और दूसरी ब्रांडेड है। इसमें लोकल ब्रांड की खपत प्रतिदिन लगभग चार से पांच हजार लीटर होती है। वहीं, ब्रांडेड आइसक्रीम की करीब 30 से 50 हजार लीटर खपत होती है। लोकल ब्रांड इसलिए पीछे हो गया है, क्योंकि हॉकर की लाइसेंस फीस बढ़ा दी है। वहीं, कई लोकल फैक्ट्री बंद हो गई है।
-पुनीत मनचंदा, मुख्य संरक्षक, स्मॉल स्केल आइसक्रीम मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन ऑफ इंडिया