कश्मीर पंडित वेलफेयर एसोसिएशन पांडव नगर के संयोजक दिलीप कौल ने कहा कि 19 जनवरी 1990 की रात कश्मीरी पंडितों के लिए एक काली रात थी, जब रातोंरात लाखों कश्मीरी पलायन को मजबूर हुए। 387 कश्मीरी पंडितों की सूची दिखाते हुए उन्होंने कहा कि 1990 के नरसंहार में मारे गए अनगिनत कश्मीरियों में से 387 की सूची तो हमारे पास है।
सीएम अरविंद केजरीवाल के बयान के खिलाफ कश्मीरी पंडितों ने पांडव नगर में प्रदर्शन किया। कश्मीरी पंडितों ने रविवार शाम को एक सभा बुलाकर अपनी आपबीती सुनाई और इलाके में पदयात्रा निकालकर फिल्म ‘द कश्मीरी फाइल्स’ देखने की अपील की। इधर जंतर-मंतर पर भी सीएम के बयान के खिलाफ एक धार्मिक संगठन ने विरोध जताया।
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कश्मीर पंडित वेलफेयर एसोसिएशन पांडव नगर के संयोजक दिलीप कौल ने कहा कि 19 जनवरी 1990 की रात कश्मीरी पंडितों के लिए एक काली रात थी, जब रातोंरात लाखों कश्मीरी पलायन को मजबूर हुए। 387 कश्मीरी पंडितों की सूची दिखाते हुए उन्होंने कहा कि 1990 के नरसंहार में मारे गए अनगिनत कश्मीरियों में से 387 की सूची तो हमारे पास है। सरकार मारे गए कश्मीरियों की सूची में सुधार करे, क्योंकि सरकार की सूची में केवल 90 नाम हैं।
उन्होंने कहा कि पहली बार कोई फिल्म आई है, जिसमें कश्मीरियों के दर्द को दिखाया गया है। लेकिन वह भी कश्मीरियों के वास्तविक दर्द का पांच फीसदी ही है। उन्होंने कहा कि सरकार को अनच्छेद 370 हटाए तीन साल हो गए, लेकिन वहां न तो उद्योग शुरू हुआ और न ही हालात सामान्य हुए हैं। ऐसे में कश्मीरियों को फिर से डर है कि यदि वे कश्मीर लौटे तो उनके साथ पहले जैसा ही बर्ताव होगा।
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सरकार को कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा का माहौल पैदा करना होगा। इस मौके पर चमन लाल मंटू ने कहा कि फिल्म कश्मीर फाइल्स को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान बहुत पीड़ादायी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि फिल्म की कहानी नकली है। इसका मतलब है कि केजरीवाल कश्मीरी पंडितों से बिल्कुल कटे हुए हैं, उन्हें कश्मीरी पंडितों के साथ हुए कत्लेआम व दुर्व्यवहार का रत्तीभर भी इल्म नहीं है। इनके अलावा मोतीलाल कौल, चमन लाल वातल व विमल रैना ने भी अपने अनुभव साझा किए। इसमें कश्मीरी पंडित परिवार के सदस्य शामिल थे।
जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन
जतरं मंतर पर जय भारत माता वाहिनी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल हिंसा और 'द कश्मीर फाईल्स' पर सीएम केजरीवाल के बयान के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीएम अरविंद केजरीवाल का पूतला जलाया। दिनेश भारती ने कहा कि पश्चिम बंगाल के बीरभूमि मे नरसंहार के बाद पश्चिम बंगाल की सरकार को अब बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए, इसके लिए महामहिम राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के हालात चिंता जनक हैं।