जाट आंदोलन की आड में समाज को बांटने का कार्य करने वालों के खिलाफ कारवाई की मांग को लेकर फ्रेंडस सोशल वर्कर्स एसोसिएशन मार्किट नंबर-5 के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि जाट आंदोलन के दौरान अराजकतत्वों ने जिस प्रकार प्रदेश में हाहाकार मचाकर देश के मान सम्मान को चोट पहुंचाई है ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए।
स आंदोलन से देश को 38 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिस तरह रेलवे की गाडिय़ों को रोका गया।
स्कूलों को जलाया गया, अस्पतालों को आग लगाई गई, दोपहिया वाहनों, कारों, दुकानों व बड़े बड़े शांपिग मॉलों में तोड़फोड़ व आगजनी की गई और औरतों के साथ बदसलूकी की गई।
प्रशासन मूक दर्शक बनकर देखता रहा, इसे देखकर यह लगता है कि इस जाट आरक्षण आंदोलन के पीछे कोई बड़ी साजिश रची गई जिसे बेनकाब करना बहुत जरूरी है ताकि पीड़ित लोगों को इंसाफ मिल सके।