- एयर क्वालिटी कंट्रोल डिवाइस में 150 से 50 माइक्रोन तक प्रदूषण की अधिकतम सीमा के उपकरण 31 अगस्त तक लगाने के दिए गए हैं निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम के विभिन्न औद्योगिक संगठन प्रतिनिधियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नए एयर क्वालिटी कंट्रोल डिवाइस लगाने के लिए तय सीमा बढ़ाने की मांग की है। पिछले दिनों सीएक्यूएम (कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) के निर्देश पर उद्योगों में 50 माइक्रोन क्षमता की एयर क्वालिटी कंट्रोल डिवाइस लगाने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के अनुसार सभी उद्योगों को 31 अगस्त तक इस उपकरण को लगाना होगा।
अभी तक 150 माइक्रोन तक की सीमा तक के एयर क्वालिटी कंट्रोल डिवाइस तक लगाया जा रहा था। इसे अपग्रेड कर 50 माइक्रोन किए जाने या नए डिवाइस लगाने के आदेश हैं।
एनसीआर चैंबर ऑफ काॅमर्स से जुड़े रविंद्र बंसल ने बताया कि यह समय सीमा काफी कम है। इस वक्त इस डिवाइस की मांग ज्यादा है। इसे बनाने वाली कंपनियां इस समय सीमा में यह उपकरण उपलब्ध नहीं करा पाएगी। यह समय सीमा 31 अक्तूबर तक बढ़ाई जानी चाहिए। उद्योगों की क्षमता के अनुरूप इसे लगाया जाना है। उनकी कंपनी में करीब 2-3 करोड़ रुपये इसमें खर्च होंगे। उद्यमी निशांत बंसल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ऐसे आदेश देने से पहले थोड़ा समय देना जरूरी है। एक आम यूनिट को इस डिवाइस को लगाने में करीब 30-35 लाख रुपये खर्च होंगे। गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआईए) के अध्यक्ष सुमित राव ने बताया कि उन्हें प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए जाने वाले इस उपकरण की मनाही उनका एसोसिएशन नहीं कर रहा है मगर समय सीमा बढ़ाए जाने से सहूलियत हो जाएगी। कुछ खास कंपनियां ही ऐसे उपकरण बनाती हैं।