दिल्ली में बिजली की मांग ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बृहस्पतिवार को बिजली की मांग 5789 मेगावाट पहुंच गई। मांग बढ़ने की वजह से 11 केवी की लाइन में 100 से अधिक जगहों पर ट्रिपिंग करनी पड़ी। जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।
दिल्ली स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (डीएसएलडीसी) के मुताबिक राजधानी में बृहस्पतिवार शाम 4:15 बजे बिजली की मांग 5789 मेगावाट पहुंच गई। इससे पहले बुधवार को बिजली की मांग 5653 मेगावाट थी।
कंपनियों की मानें तो इस वर्ष बिजली की मांग 6000 मेगावाट तक पहुंच सकती है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम मांग 3787 मेगावाट रिकॉर्ड की गई।
कंपनी ड्रॉ करने में थीं व्यस्त
बिजली की मांग बढ़ने से बिजली वितरण कंपनियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार को 11 केवी की लाइनों में 100 से अधिक जगहों पर ट्रिपिंग हुई। ट्रिपिंग की वजह से सौ से अधिक जगहों पर बिजली गुल हो गई।
जानकारी के मुताबिक उत्तर-पश्चिम दिल्ली में 37 स्थानों पर, उत्तरी दिल्ली में 23 जगहों पर, पश्चिमी दिल्ली में 15 स्थानों पर, दक्षिण दिल्ली में 19 और पूर्वी दिल्ली में चार जगहों पर ब्रेक डाउन की वजह से बिजली गुल हुई।
राजधानी में जब बिजली की बढ़ी मांग नया रिकॉर्ड बना रही थी। उस वक्त वितरण कंपनियां करीब 40 मेगावाट बिजली ओवर ड्रा (तय सीमा से ज्यादा लेना) कर रही थीं। कंपनियों को इस बिजली के लिए करीब 17 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा। जबकि आम तौर पर बिजली वितरण कंपनियां ग्रिड से चार से पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदती हैं।
अब तक बिजली की मांग
वर्ष---------बिजली की मांग मेगावाट में
2003----------3289
2004----------3490
2005----------3626
2006----------3736
2007----------4030
2008----------4034
2009----------4408
2010----------4720
2011----------5028
2012----------5642
2013----------5653