नई दिल्ली। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सोशल मीडिया, टीवी और सिनेमा में परोसी जा रही अश्लील सामग्री के खिलाफ चिंता जताई गई। सेव कल्चर, सेव भारत फाउंडेशन के बैनर तले हुए इस कार्यक्रम में सख्त कानून बनाने की मांग की गई।
कार्यक्रम में दिखाए गए एक वीडियो के माध्यम से सवाल उठाया गया कि गंदगी और निर्वस्त्र दृश्य को सामग्री कहते हैं, सामग्री निर्माता नहीं बेटियों के हत्यारे हैं आप। संस्था के संस्थापक उदय माहुरकर और पीपल अगेंस्ट रेप इन इंडिया की संस्थापक योगिता भयाना सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने पिछले साल 25 ऑनलाइन स्ट्रीमिंग मंचों पर कार्रवाई की थी, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि दुष्कर्म की घटनाओं के बाद नहीं, बल्कि ऐसी सामग्री पर पहले ही रोक लगनी चाहिए। वक्ताओं ने दावा किया कि अश्लील और हिंसक सामग्री अपराध की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 27 अक्तूबर को सुनवाई होनी है। संवाद