सूत्रों ने बताया कि आयोग एमसीडी के तहत आने वाले क्षेत्र की जनसंख्या और मतदाताओं के साथ-साथ तीनों नगर निगम में रहे वार्डों के संबंध में जानकारी एकत्रित करके केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजेगा। इस संबंध में आयोग ने बृहस्पतिवार को जानकारी एकत्रित करने का कार्य किया। इसके अलावा आयोग की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय से पूछा जाएगा कि वह कितने वार्ड बनाए। इसी तरह वार्डों में शामिल किए जाने वाली औसतन जनसंख्या व मतदाताओं की संख्या के बारे में भी सुझाव लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, आयोग विधानसभा क्षेत्र की सीमा के अंदर ही वार्ड बनाने के बारे में भी केंद्रीय गृह मंत्रालय से राय मांगेगा। वहां से राय व सुझाव मिलने के बाद परिसीमन करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। गृह मंत्रालय ने आयोग को चार माह में परिसीमन की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इस तरह आयोग को नवंबर के प्रथम सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देनी है। आयोग की रिपोर्ट स्वीकार होने के बाद दिल्ली राज्य चुनाव आयोग अनुसूचित जाति के लिए वार्ड आरक्षित करने का कार्य करेगा।
17 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लिए होंगे आरक्षित
आयोग सामान्य व अनुसूचित जाति वर्ग में महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित करेगा। दिल्ली में अनुसूचित जाति वर्ग की करीब 17 प्रतिशत जनसंख्या है। इस तरह एमसीडी के 17 प्रतिशत वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए जाएंगे, जबकि एमसीडी में 50 प्रतिशत वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। लिहाजा, दोनों वर्ग में 50 प्रतिशत वार्ड महिलाओं के आरक्षित किए जाएंगे।