ठंड से कांप रहे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर पश्चिम भारत केलोगों को 24 घंटे बाद ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। हालांकि अभी दो से तीन दिन घना कोहरा अभी परेशान करेगा। सोमवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड में 3.6, रिज में 3.3, आयानगर में 3.2, व सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले रविवार को इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। यह तापमान दो साल में सबसे कम और 2013 के बाद से इस महीने का दूसरा सबसे कम तापमान था।
दिल्ली में यह पांचवां दिन है जब शीत लहर की स्थिति रही है। इस कारण से यहां तापमान डलहौजी, चंबा, शिमला, धर्मशाला, व नैनीताल से भी कम रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी दिल्ली के कुछ इलाकों में शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 24 घंटे के बाद शीत लहर की स्थिति में कमी आने की संभावना है। हालांकि अगले 24 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा और उसके बाद कोहरे में कमी आएगी। 12 जनवरी को दिल्ली, हरियाणा व चंडीगढ़ में हल्की वर्षा व बूंंदाबांदी की संभावना है। 15 जनवरी के बाद एक बार फिर से गला देने वाली ठंड बढ़ेगी।
2018 में नौ जनवरी को पारा 4.2 डिग्री गया था
दिल्ली में चार साल नौ जनवरी को इतना कम 3.8 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ है। 2018 में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री रहा था। जबकि 2022 में 13.8, 2021 में 10.8, 2020 में 8.4, व 2019 में 8.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ के बीच अंतर के कारण ठंड का लंबा दौर
दिल्ली समेत पूरे उत्तर पश्चिम भारत में ठंड के लंबे दौर का कारण दो पश्चिमी विक्षोभों के बीच के बड़े अंतर को बताया जा रहा है। इसका अर्थ है कि पहाड़ों में बर्फ के कारण ठंडी हवाएं ज्यादा चली हैं।a
पूर्वानुमान: आसमान साफ व घना कोहरे की संभावना है। कुछ जगह पर शीत लहर की स्थिति रहेगी।
अधिकतम तापमान: 18.6 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान: 3.8 डिग्री सेल्सियस
10 जनवरी को सूर्यास्त: शाम 5:42 मिनट
11 जनवरी को सूर्योदय: सुबह 7:15 मिनट