दिल्ली हिंसा के मामलों की जांच कर रही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस ने हिंसा के आरोपियों का पता लगाने के लिए जो व्हाट्सअप और ई-मेल जारी की थीं, उस पर लोगों ने हिंसा से जुड़े कोई एक दो नहीं, बल्कि सैकड़ों वीडियोज भेज दिए हैं। अलग से 25 कंप्यूटर पर इन वीडियोज की जांच की जा रही है।
इनमें 1922 आरोपी ऐसे हैं, जो साफ-साफ दंगा फैलाते हुए, लोगों को मारते हुए, उनके घर जलाते हुए, लूटपाट करते हुए और लोगों को घायल करते हुए दिखाई दे रहे हैं। जल्द ही इन सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके लिए 40 टीमों का गठन किया गया है।
इन टीमों को और कोई दूसरी जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इनका काम केवल आरोपियों को पकड़ना है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर बोलते हुए यह बात कही है। इस मामले की जांच के लिए अब दो की जगह तीन एसआईटी का गठन कर दिया गया है। आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के हत्यारोपी पकड़े गए हैं।
दिल्ली पुलिस के हवलदार रतनलाल की हत्या करने वाले भी बच नहीं सकेंगे। इस दंगे में शामिल हर आरोपी पकड़ा जाएगा। पाताल से भी आरोपियों को ढूंढ निकाला जाएगा। आईएसआईएस समर्थक दो लोग पकड़ लिए हैं। अभी ऐसे कई सबूत मिले हैं, जिनसे पता चला है कि दंगा फैलाने के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेश से भी आर्थिक मदद दी गई है।
ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। 50 ऐसे मामले हैं, जिसमें धर्म के आधार पर चलने वाली संस्थाओं को नुकसान पहुंचाया गया है। इस तरह के मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। आर्म्स एक्ट के तहत मामलों में 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 100 से ज्यादा हथियार जब्त किए हैं।