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Delhi : 65 करोड़ की जालसाजी में वास्तुशास्त्री भाई संग गिरफ्तार, आरोपियों को लेकर असम रवाना हुई पुलिस

Wed, 07 Feb 2024 06:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट (सीआई) ने दोनों को बाराखंभा क्षेत्र से माडर्न स्कूल के पास से गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने इनको रात भर साकेत थाने के लॉक अप में रखा। सोमवार सुबह असम पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर असम के लिए रवाना हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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असम पुलिस ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ संसद भवन में पुस्तकालय के निर्माण में वास्तुदोष को सत्तारूढ़ सरकार की अस्थिरता का मूल कारण बताने वाले वास्तु शास्त्री खुशदीप बंसल को उसके भाई हरीश के साथ 65 करोड़ की जालसाजी के मामले में गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट (सीआई) ने दोनों को बाराखंभा क्षेत्र से माडर्न स्कूल के पास से गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने इनको रात भर साकेत थाने के लॉक अप में रखा। सोमवार सुबह असम पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर असम के लिए रवाना हो गई।

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वास्तुकार खुशदीप बंसल ने केंद्र सरकार की अस्थिरता के लिए संसद भवन पुस्तकालय के वास्तुदोष को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद उन्होंने सरकार के आग्रह पर इसे ठीक भी किया। इस योगदान को वर्ष 1997 में राष्ट्र के सबसे बड़ा योगदान के रूप में गिना गया। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि असम पुलिस ने दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा से संपर्क किया था कि खुशदीप बंसल के गैर जमानती वारंट हैं और वह सैनिक फार्म में रहते हैं। 

आरोपियों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी स्पेशल सेल की सीआई यूनिट को दी गई। पुलिस आयुक्त के ओएसडी मनीषी चंद्रा ने जांच में खुद नजर रखी। इसके बाद पुलिस टीम ने खुशदीप बंसल व उनके भाई को गिरफ्तार कर लिया। असम में चल रहे 65 करोड़ रुपये के आटोनामस काउंसिल घोटाले में पांच आरोपी हैं। इनमें मध्यप्रदेश के एक कांग्रेस नेता का बेटा भी शामिल है।  इस मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सर्च वारंट जारी किया है। दिल्ली की सबरवाल ट्रेडिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के मालिक कमल सबरवाल ने इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला साल 2022 का है। 
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पुनर्जागरण का श्रेय बंसल को दिया जाता है
वास्तु शास्त्र के समकालीन स्वरूप में पुनर्जागरण का श्रेय डॉ. बंसल के गहन शोध कार्य को दिया जाता है।  वह वास्तु शास्त्र पर पृथ्वी की सबसे बड़ी पुस्तक के साथ-साथ इसी विषय पर आठ अन्य पुस्तकों के लेखक हैं। अग्रणी सलाहकार के रूप में पहचाने जाने वाले, डॉ. बंसल कई राज्य सरकार की परियोजनाओं में सलाहकार और प्रमुख व्यवसायियों और उद्योगपतियों के रणनीतिक सलाहकार रहे हैं।

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