स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के प्रिंसिपल प्रो. उमाशंकर पांडेय ने बताया कि जल्द ही हम एसओएल के विद्यार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन शुरू कर रहे हैं। यह सीबीटी मोड (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) के रूप में होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में अब नियमित कॉलेजों की तरह विद्यार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन किए जाने की व्यवस्था लागू होने जा रही है। इसमें सतत और आंतरिक दोनों तरह के मूल्यांकन शामिल होंगे। यह एमसीक्यू (बहुविकल्पीय प्रश्न) आधारित होगा। इसे एसओएल में पहली बार शुरू किया गया है। करीब एक लाख 22 हजार छात्रों का मूल्यांकन दो चरणों में किया जाएगा।
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बीते साल डीयू की अकादमिक व कार्यकारी परिषद से इस व्यवस्था को मंजूरी मिलने के बाद इसे चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम (एफवाईयूपी) के बैच पर लागू किया जा रहा है। स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के प्रिंसिपल प्रो. उमाशंकर पांडेय ने बताया कि जल्द ही हम एसओएल के विद्यार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन शुरू कर रहे हैं। यह सीबीटी मोड (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) के रूप में होगा। फिलहाल इसकी शुरुआत अंग्रेजी ऑनर्स, राजनीति विज्ञान ऑनर्स, बीकॉम पास, बीकॉम ऑनर्स, बीएमएस, बी.लिब, बीबीए व एमलिब विषयों से की जा रही है।
कार्यकारी परिषद ने दी थी मंजूरी
प्रिंसिपल ने बताया कि अभी यह व्यवस्था बीए प्रोग्राम पर लागू नहीं होगी। अकादमिक व कार्यकारी परिषद में एसओएल में आंतरिक मूल्यांकन किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। पहले करीब 65 हजार और फिर बाद में अन्य विद्यार्थियों का इस तरह से मूल्यांकन होगा। अब तक नियमित कॉलेज के विद्यार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन किया जाता था, लेकिन एसओएल के विद्यार्थियों का नहीं होता था।