दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए प्रथम वर्ष अंग्रेजी की परीक्षा देने वाले दो परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं सड़क किनारे पड़ी मिली हैं।
पुस्तिकाओं पर परीक्षार्थियों के रोल नंबर और परीक्षक द्वारा दिये गये नंबर अंकित हैं। हालांकि अब मामला प्रकाश में आने पर विश्वविद्यालय के एग्जामिनेशन डीन ने जांच कराने का दावा किया है।
डीयू आंसर सीट सड़क पर मिलने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भी खासा गुस्सा देखने को मिला है।
मेरठ रोड पर मिली कॉपियां
16 जून 2013 को दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए प्रथम वर्ष अंग्रेजी पेपर कोड-ए 119 की परीक्षा देने वाले दो परीक्षार्थियों की कॉपियां यहां मेरठ रोड पर असौड़ा के पास सड़क किनारे पड़ी मिली हैं।
इतना ही नहीं, परीक्षक द्वारा उक्त दोनों कॉपियां जांची भी जा चुकी हैं। रोल नंबर 7344060 के परीक्षार्थी की कापी पर 26 और 7344044 पर 23 नंबर दिये गए हैं। कॉपियां के सीरियल नंबर 2028586 और 2028601 हैं।
डीयू के डीन एग्जामिनेशन डॉ.सुधीर कुमार ने कहा कि रिजल्ट आने के 135 दिन तक कॉपियां का कोई महत्व नहीं है। फिर भी इस तरह सड़क किराने कॉपियां पड़ी नहीं मिलनी चाहिए। यह बेहद गंभीर मामला है। वह जल्द संबंधित अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
सांसद ने कहा आवाज उठाएंगे
क्षेत्रीय सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि डीयू विश्वविद्यालय का नाम देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इस तरह एग्जाम कापियों के सड़क किनारे पड़ा मिलने से विवि की साख खराब होती है।
वह भी जल्द इस मामले में डीयू के कुलपति से बातचीत करेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो वह इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।