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दिल्ली: एंटीक और रेडियोधर्मी पदार्थ के नाम पर नौ करोड़ की ठगी, आरोपियों के खिलाफ पंजाब-राजस्थान में दर्ज हैं 8 मामले

Sun, 06 Feb 2022 01:07 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पुलिस अधिकारी ने बताया कि अमित गुप्ता गैंग का सरगना है। अमित ने राकेश गोयल के साथ मिलकर शिकायतकर्ता को फंसाया था। आरोपी गणेश इंगोले ने मैकेनिकल में मास्टर्स ऑफ इंजीनियरिंग कर रखी है।
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नौ करोड़ की ठगी करने वाले जालसाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आर्थिक अपराध शाखा ने दुर्लभ राइस पुलर, दो अलग-अलग रेडियोधर्मी तत्वों के समस्थानिकों समेत दूसरे रेडियोधर्मी पदार्थ मुहैया करवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों पर राजस्थान व पंजाब में ठगी के आठ मामले दर्ज हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की तलाश कर कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित राजेंद्र नगर निवासी अमित गुप्ता और महाराष्ट्र के नवी मुंबई निवासी गणेश इंगोले के रूप में हुई है।

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शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि पूरा मामला 2020 का है। गौतम पुरी नाम के एक शख्स ने पुलिस में ठगी और धोखाधड़ी की शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि अमित गुप्ता और राकेश गोयल ने उनसे दुर्लभ वस्तुओं की मांग की थी। इसमें रेडियोधर्मी पदार्थ समेत दूसरे सामान शामिल थे। इन आरोपियों ने बाद में उसे गणेश इंगोले, सत्यनारायण अनोरिया और अन्य लोगों के साथ मुलाकात करवाई।

उन्होंने गौतम पुरी को आश्वासन दिया कि एंटीक सामान कानूनी रूप से प्रमाणित हैं। इसके बाद इन लोगों ने बताया गया कि एंटीक सामान की सत्यता की जांच केवल वैज्ञानिक ही कर सकते हैं। इन सामान की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 11 करोड़ रुपये प्रति इंच है। इसका सौदा करने पर लाभ मिलेगा। आरोपियों ने रेडियोधर्मी सामान के जरिए मुनाफा कमाने का लालच देकर चेक, आरटीजीएस सहित अन्य माध्यमों से आरोपियों ने करीब 8.93  करोड़ रूपये ले लिए।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अमित गुप्ता और गणेश इंगोले जयपुर में दर्ज विभिन्न मामलों में न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने न्यायालयों से आवश्यक अनुमति लेकर इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अमित गुप्ता गैंग का सरगना है। अमित ने राकेश गोयल के साथ मिलकर शिकायतकर्ता को फंसाया था। आरोपी गणेश इंगोले ने मैकेनिकल में मास्टर्स ऑफ इंजीनियरिंग कर रखी है।

रेडियोधर्मी पदार्थ के परीक्षण के बहाने आरोपियों ने की ठगी 
जांच में पता चला है कि आरोपी अमित गुप्ता, गणेश इंगोले और अन्य आरोपियों ने रेडियोधर्मी पदार्थ की प्रमाणिकता का परीक्षण करने के बहाने शिकायतकर्ता से पैसे ले लिए। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को नासा और वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बेचकर मुनाफा कमाने का लालच दिया। साथ ही आरोपियों ने भारतीय और विदेशी वैज्ञानिक संस्थानों का जाली पहचान पत्र व दस्तावेज दिखाकर शिकायतकर्ता से ठगी को अंजाम दिया।

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