बच्चों को बेचने के मामले में सात आरोपी गिरफ्तार
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दिल्ली के उत्तम नगर में ढाई महीने का बच्चा बेचा जा रहा था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस रैकेट का पर्दाफाश कर पांच महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से ढाई महीने का बच्चा बरामद किया है। पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी इससे पहले कितने बच्चों को बेच चुके हैं और गिरोह में कितने लोग शामिल हैं।
अपराध शाखा उपायुक्त विचित्र वीर के अनुसार अपराध शाखा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) में तैनात एएसआई जसबीर सिंह को सूचना मिली थी कि मधु शर्मा अपनी दोस्त वीना के साथ ढाई महीने के एक बच्चे को साढ़े छह लाख रुपये में बेचना चाहती हैं। पुलिस ने नकली ग्राहक बनकर इनसे सौदा किया। इन दोनों महिलाओं ने कॉल कर ज्योति, बरखा व बबलू शाह को बताई गई जगह पर बुला लिया। जैसे ही इन्हें चार लाख रुपये दिए गए, इन्होंने बच्चे को नकली ग्राइक को दिया, तभी पुलिस ने इनको ऑटो स्टैंड, उत्तम नगर से पकड़ लिया। बाद में इनसे हुई पूछताछ के आधार पर रैकेट के सदस्य पवन व सिमरन को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को जांच में पता लगा कि ज्योति आईवीएफ क्लीनिक पर काम करती है। वहां पर ऐसे दंपति आते हैं जिनके कोई बच्चे नहीं होते। कम वक्त में अमीर बनने की चाहत में वह बच्चों को सौदा करने का हिस्सा बन गई। वह निसंतान दंपतियों को बच्चा गोद दिलाने के बहाने उनके साथ डील की जाती थी।
ये गिरोह झारखंड निवासी कुतुबद्दीन के संपर्क में था। वह वहां से नवजात बच्चे लाकर मोहन गार्डन निवासी सलमा देवी उर्फ सिमरन को देता था। पुलिस कुतुबद्दीन की तलाश कर रही है। पवन अपहरण के एक मामले में पहले शामिल रह चुका है। वह जमानत पर बाहर आया हुआ है। बबूल शाह (28) मुस्ताफाबाद, बरखा (28) खजूरी खास, वीना (55) उत्तम नगर, मधु शर्मा (50) उत्तम नगर, ज्योति (32), उत्तम नगर, पवन (45) गाजियाबाद और सिमरन उर्फ सलमा देवी उत्तम नगर की रहने वाली है।