सातवें पीरियड में गई थी क्लास से बाहर
स्कूल सूत्रों ने बताया कि शनिवार को स्कूल में इंस्पेक्शन था। उसको लेकर पूरा स्कूल ही अलर्ट मोड में था। अमूमन इंस्पेक्शन के दौरान स्कूल के रिकॉर्ड्स से लेकर तमाम चीजों की पड़ताल होती है। सूत्रों का कहना है कि स्कूल में उस समय सातवां पीरियड चल रहा था। अचानक छात्रा ने पानी पीने जाने की टीचर से इजाजत ली। वह पानी की बोतल लेकर क्लास से निकल गई। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद छात्रा गार्ड रूम के पीछे पहुंची। यहीं पर पानी की टंकी भी लगी है। छात्रा ने वहीं पर अपने ऊपर बोतल से ज्वलनशील पदार्थ डाला और खुद को आग लगा ली। उसके चिल्लाने की आवाज जब स्टाफ तक पहुंची तो सभी भागे-भागे वहां पहुंचे।
छात्रा के परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया
छात्रा के परिजनों ने स्कूल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है, छात्रा की भाभी का कहना है कि स्कूल में बच्चों को टीचर्स के हवाले कर दिया जाता है। कैसे उनकी मौजूदगी में छात्रा के साथ ऐसा हुआ। परिवार ने आरोप लगाया है कि छात्रा के साथ कुछ अनहोनी हुई है, वह ऐसा कदम नहीं उठा सकती है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि छात्रा को पढ़ाने वाले तमाम टीचर्स से पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा शनिवार को जिस टीचर के पीरियड से छात्रा ने पानी पीने की बात निकली थी, उससे भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस स्कूल में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है।
पुलिस ने स्कूल से जुटाए सबूत
हादसे के बाद जांच करने पहुंची पुलिस टीम ने स्कूल से आत्महत्या मामले में साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने स्कूल में लगा सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर कब्जे में लिया है। इसके अलावा स्कूल के गार्ड से भी पूछताछ की जा रही है। इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के समय सुरक्षा गार्ड कहां था। इसके अलावा छात्रा के चिल्लाने की आवाज सुनकर सबसे पहले कौन पहुंचा। पुलिस ने छात्रा की हाजिरी के रजिस्टर की भी पड़ताल की है। छात्रा की सहेलियों से भी पूछताछ की है। पुलिस प्रेम प्रसंग समेत तमाम दृष्टिकोणों से पड़ताल कर रही है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान कुछ अहम जानकारियां उनकी टीम को मिली हैं।