जिन वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं के कारण लोगों को सबसे ज्यादा जान गंवानी पड़ी है, उनमें निजी कारें सबसे ऊपर हैं। प्राइवेट कारों के कारण राजधानी में 78 दुर्घटनाएं हुईं और इनमें कुल 83 लोगों की जान गई।
इसके बाद स्कूटर या मोटर साइकिल जैसे दोपहिया वाहनों से 61 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कुल 63 लोगों की जान चली गई। भारी वाहनों से 45 दुर्घटनाओं में 47 लोगों की मौत हुई, तो टेंपो जैसे वाहनों से 27 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कुल 27 लोगों को मौत का शिकार भी होना पड़ा।
दिल्ली कि डीटीसी बसें सड़क हादसों के कारण जानलेवा होने के नाते बदनाम थीं, लेकिन जब से लो-फ्लोर बसें आई हैं, इनसे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आई है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस साल क्लस्टर बसों से 10 दुर्घटनाएं हुईं हैं, जिनमें 10 लोगों की मौत हुई, तो वहीं डीटीसी की बसों से छह दुर्घटनाएं हुईं जिनमें छह लोगों को ही अपनी जान गंवानी पड़ी। पहले यह संख्या सैकड़ों में हुआ करती थी।