जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस गिरीश कठपालिया की पीठ सुनवाई 29 अगस्त तय की है। पीठ ने साथ ही मामले में छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम सहित अन्य सह-आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई की। अदालत ने पाया कि इमाम और मामले में अन्य सह-आरोपियों की जमानत याचिकाएं सुनवाई के लिए निर्धारित हैं।
सितंबर 2020 में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए खालिद ने मामले में जमानत देने से इनकार करने वाले ट्रायल कोर्ट के हालिया आदेश पर सवाल उठाया है। खालिद, इमाम और कई अन्य लोगों पर फरवरी 2020 के दंगों के कथित मास्टरमाइंड होने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। 28 मई को ट्रायल कोर्ट ने खालिद की नियमित जमानत की मांग वाली याचिका को दूसरी बार खारिज कर दिया करते हुए कहा था कि उनकी पहली जमानत याचिका को खारिज करने वाला उसका पिछला आदेश अंतिम हो गया है