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सावधान: दिल्ली में कोरोना के साथ लगने लगा डेंगू-मलेरिया का भी डंक, बचाव बेहद जरूरी

Mon, 05 Oct 2020 09:44 AM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं। हालांकि, अस्पतालों में अन्य संक्रामक रोग जैसे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के मरीज भी भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस बदलते मौसम में सभी संक्रामक रोगों से बचाव करना बेहद जरूरी है। 

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लोगों को कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से भी सावधानी बरतने की जरूरत है। दिल्ली के अस्पतालों में 15 दिन से डेंगू मलेरिया और टाइफाइड के मरीज भी भर्ती हो रहे हैं। 

अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश गुलाटी बताते हैं कि बरसात के बाद और सर्दी से पहले का मौसम विषाणुओं के पनपने के लिए बड़ा अनुकूल होता है। इसके अलावा इस मौसम में मच्छर भी बढ़ जाते हैं, जो डेंगू, स्वाइन फ्लू और मलेरिया जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। 
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लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर पड़ने लगती है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चों, बूढ़ों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित रोगियों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए जरूरी है कि संतुलित भोजन लें और बुखार महसूस होने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।

एम्स के डॉक्टर अमरिंदर बताते हैं कि अस्पतालों में अन्य संक्रामक रोगों के मामले पिछले साल के मुकाबले काफी कम आ रहे हैं, लेकिन फिर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।  उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना और अन्य संक्रामक रोगों में फर्क समझना काफी जरूरी है। 

इनके लक्षणों में थोड़ा फर्क भी होता है। डेंगू होने पर तेज बुखार, बदन खासकर जोड़ों में तेज दर्द होता है। उल्टी-दस्त भी हो सकते हैं। डेंगू होने पर प्लेटलेंट्स असामान्य रूप से गिरने लगती हैं। इसलिए इस बीमारी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। 

वहीं मलेरिया में सर्दी के साथ बार-बार बुखार आता है। इसके अलावा सिरदर्द, ठंड लगना और फिर पसीना आना मलेरिया के लक्षण होते हैं। इसलिए यह काफी जरूरी है कि लोग इन बीमारियों के लक्षणों की पहचान के अनुसार समय पर इलाज कराएं नहीं तो यह रोग भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
 

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बुखार की समस्या को कोरोना से न जोड़ें

सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर जुगल किशोर का कहना है कि इस मौसम में गला खराब होने और सर्दी जुकाम की शिकायत होना आम बात है। ऐसा होने पर घबराएं नहीं। इसे कोरोना से न जोड़ें। 

बेहतर होगा कि गर्म पानी से गरारे करें और दिन में चार से पांच बार भाप लें। सर्दी-जुकाम गले का यह सबसे बेहतर उपचार है। बुखार के साथ यदि सूखी खांसी आए और सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत चिकित्सक के पास जाएं।

ये सावधानियां बरतें
-बुखार या अन्य कोई लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें
-बिना डॉक्टर की सलाह के घर पर ही दवाई लेने से बचें
-हल्का और संतुलित भोजन खाएं
-ठंडा पानी  पीने से बचें
-आसपास सफाई रखें 
-हमेशा साफ पानी पियें 

मच्छरों से बचाव जरूरी
1. घर से बाहर निकलें तो पूरा शरीर अच्छी तरह से ढंका हुआ हो
2. घर के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें
3. मच्छरों से बचाव के लिए कीटनाशक स्प्रे का प्रयोग करें
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