दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने रविवार को कहा कि नालों की सफाई का काम किया गया है, लेकिन कोरोना की प्राथमिकता के कारण विभाग के कुछ कर्मचारियों को अन्य महत्त्वपूर्ण जगहों पर लगाना पड़ा। इसके कारण कुछ जगहों पर गाद निकालने का काम अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पाया है। इसे जल्दी ही पूरा किया जायेगा।
पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा
अगर सड़कों की लंबाई के लिहाज से कहें तो नालों की साफ-सफाई के मामले में पीडब्ल्यूडी की भूमिका बेहद महत्त्वपूर्ण है। 60 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों के दोनों ओर बने नालों की साफ़-सफाई का काम पीडब्ल्यूडी का है। आंकड़े बताते हैं कि पीडब्ल्यूडी अपने लक्ष्य का आधा काम भी पूरा नहीं कर सका है। शहर में पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में 1259 किमी सड़कें हैं। इनके किनारे 2518 किमी लंबाई में बने नालों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग की है।
दिल्ली के अंदर सबसे बड़े नालों की साफ-सफाई का काम बाढ़ एवं नियंत्रण विभाग का होता है। जानकारी के मुताबिक 45 सबसे बड़े नाले बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के अंतर्गत आते हैं। इनमें यमुना पार इलाके में 11, पश्चिमी दिल्ली में 13, उत्तरी दिल्ली में 17 और दक्षिणी दिल्ली में चार नाले आते हैं। इनकी कुल लंबाई 295 किमी है।