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हैरान कर देगा किस्सा: ओटी टेक्नीशियन कुछ ही दिन में बन गया अपराध की दुनिया का 'मास्टर', उसकी 'क्राइम कुंडली' देख पुलिस भी दंग

Sun, 19 Jun 2022 10:07 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नीतू दाबोदिया-अशोक प्रधान गैंग के बदमाश श्याम उर्फ सीतू को गिरफ्तार किया है। ओटी टेक्नीशियन श्याम अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद यूपी, दिल्ली और हरियाणा में कई वारदातों में शामिल रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नीतू दाबोदिया-अशोक प्रधान गैंग के एक ऐसे बदमाश को साथी संग दबोचा है जो ओटी टेक्नीशियन से गैंगस्टर बन गया। इसकी पहचान दिल्ली के बवाना निवासी श्याम उर्फ सीतू (33) और नरेला निवासी साहिल (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो पिस्टल, पांच कारतूस और एक वैगनआर कार बरामद की है। श्याम ने अपने साथियों के साथ मिलकर पिछले साल बहादुरगढ़ सेक्टर-6 इलाके में एक ढाबा मालिक पर गोली चला दी थी। श्याम दिल्ली, यूपी व हरियाणा में आठ से अधिक वारदातों में शामिल रहा है। अस्पताल से नौकरी छोड़ने के बाद यह लगातार अशोक प्रधान गैंग व नीतू दाबोदिया गैंग के लिए काम कर रहा था। स्पेशल सेल की टीम पकड़े गए दोनों श्याम और साहिल से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

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स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि शनिवार को उनकी टीम को सूचना मिली कि अशोक प्रधान गैंग का बदमाश अपने किसी साथी से मिलने कंझावला इलाके में वैगनआर से आने वाला है। सूचना के बाद पुलिस की टीम ने ट्रैप लगाकर छानबीन शुरू कर दी। दोपहर करीब 2.45 बजे पुलिस की टीम ने सफेद रंग की वैगनआर कार को बवाना-कंझावला लाल बत्ती पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को देख आरोपियों ने भी भागने की कोशिश की।

इस दौरान उनकी गाड़ी गड्ढे में गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने कार सवार दोनों बदमाशों को काबू कर लिया। इनकी तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से दो पिस्टल व पांच कारतूस बरामद हुए। जांच के दौरान कार चालक की पहचान श्याम के रूप में हुई। श्याम के खिलाफ दिल्ली-यूपी में मामले दर्ज मिले। श्याम ने बताया कि उसने 12वीं कक्षा पास करने के बाद शाहदरा के एक संस्थान से ओटी टेक्नीशियन का डिप्लोमा किया था।
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इसके बाद उसने एक अस्पताल में नौकरी शुरू की। लेकिन वह प्रियवृत नामक गैंगस्टर के भाई रवि के संपर्क में आया। इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। बाद में उसने अशोक प्रधान और नीतू दाबोदिया गैंग को ज्वाइन कर लिया। इसके बाद उसने वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। वर्ष 2021 में बहादुरगढ़ में ढाबे के बाहर वह अपने साथी अजय जून और योगेश उर्फ कालू के साथ कार में मौजूद था। उसने ढाबा मालिक से कार के भीतर खाना सर्व करने के लिए कहा था। मना करने पर आरोपियों ने ढाबा मालिक पर गोली चला दी थी।
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